
जवाहर नगर कच्ची बस्ती की बनेगी डीपीआर
जवाहर नगर कच्ची बस्ती के निवासियों को मौके पर ही बसाने की कवायद शुरू हो गई है। मौके पर इन परिवारों का पुनर्वास किया जा सकता है या नहीं, इसे लेकर जेडीए ने काम शुरू कर दिया है। जेडीए ने इस कार्य की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के लिए निविदा जारी की है।
जानकारी के मुताबिक जेडीए ने इस पूरी कच्ची बस्ती के पुनर्वास और विकास पर अनुमानित 600 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान लगाया है। हालांकि इसकी वास्तविक लागत व मोड तो डीपीआर तैयार होने के बाद ही सामने आएगी। इस डीपीआर के आधार पर ही बस्ती के विकास का भविष्य तय होगा।
परनामी का इलाका
जवाहर नगर कच्ची बस्ती का इलाका भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और आदर्श नगर विधायक अशोक परनामी के विधानसभा क्षेत्र का इलाका है। परनामी ने कई बार महापौर के साथ मिलकर इस इलाके का दौरा किया। मौके पर अवैध अतिक्रमणों को हटाने की भी कार्रवाई हुई। इसके बाद यूडीएच मंत्री श्रीचंद कृपलानी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कच्ची बस्ती के पुनर्वास पर चर्चा हुई और इसके विकास का जिम्मा जेडीए को सौंपा गया है। हालांकि बैठक में तय किया गया था कि पहले डीपीआर बनार्इ जाएगी, उसी के आधार पर तय हाेगा कि माैके पर पुनर्वास हाे सकता है या नहीं। उधर वन विभाग का भी अड़ंगा है। कच्ची बस्ती जिस जगह बसी हुर्इ है वह इलाका वन क्षेत्र है यही वजह है कि जेडीए ने पहले भी यहां बहुमंजिला फ्लेट्स बनाने की याेजना बनार्इ थी, लेकिन मामला अटक गया।
निर्दलीय काे बना दिया समिति चेयरमैन
परनामी का पूरा फोकस इस बस्ती पर है। बस्ती को भाजपा का परम्परागत वोटबैंक माना जाता है। यही वजह है कि पिछले दिनों की नगर निगम की संचालन समिति में यहां से निर्दलीय पार्षद संतरा वर्मा को भी कच्ची बस्ती का चेयरमैन बना दिया गया। यह पहला मौका है जब निर्दलीय पार्षद को चेयरमैन बनाया गया है। हालांकि वर्मा पिछले बोर्ड में भाजपा से पार्षद थीं।
Published on:
02 Jun 2018 09:36 pm
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