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तबादले से पहले तबादला सूची की आई ऐसी हकीकत सामने ,,, पैरों तले जमीन खिसक गई अफसरों की
राजस्थान चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ के स्तर पर तैयार की जा रही औषधि नियंत्रण संगठन के अफसरों की तबादला सूची जारी होने से पहले लीक हो गई है। सूची में कुछ अफसरों को जयपुर में यथावत रखने के लिए एक व्यक्ति का बार बार जिक्र हो रहा है। जिसे लेकर विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हेा गया है। वहीं औषधि नियंत्रक संगठन के अफसरों के तबादलों में लेने देन की चर्चाएं भी स्वास्थ्य भवन में चल रही है।
चिकित्सा मंत्री कालीचरण के स्तर पर औषधि नियंत्रक संगठन के अफसरों की तबादला सूची तैयार की जा रही है। इस सूची में औषधि नियंत्रण संगठन में सेठी कॉलोनी में तैनात सहायक औषधि नियंत्रक अनिल अग्रवाल और औषधि नियंत्रक अधिकारी सीमा मीणा को इसी इसी कार्यालय में यथावथ रखने के लिए नवीन सांघी नाम के व्यक्ति् ने चिकित्सा मंत्री को सिफारिश की है। वहीं जो सूची तैयार की जा रही है उसमें नवीन सांघी के नाम के आगे चिकित्सा मंत्री जी से प्राप्त मैसेज भी लिखा गया है।
अब संगठन के अफसरों का कहना है कि मंत्री विधायकों की सिफारिश तो समझ में आती है लेकिन बाहरी व्यक्त्यिों की सिफारिश से विभाग में अफसरों को लगाने व हटाने का खेल समझ से परे है। बताया जा रहा है कि नवीन सांघी नाम का व्यक्ति चिकित्सा मंत्री कालीचरण सराफ के विधान सभा क्षेत्र का ही निवासी है।
हाल ही में महिला एवं बाल विकास विभाग में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने विभाग के टेंडरों में अफसरों को मोटी दलाली देकर टेंडर दिलाने वाले दलाल सीके मिश्रा व उसके साथियों को दबोचा था। अब चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में भी चर्चा है कि कहीं नवीन सांघी नाम का यह बाहरी व्यक्ति चिकित्सा मंत्री के स्तर पर तैयार हो रही विभागीय अफसरों की तबादला सूचियों में बडे स्तर पर तो दखल नहीं दे रहा है और किसी अधिकारी के तबादले के नाम के आगे नवीन सांघी का नाम आखिर कैसे जोडा गया। क्या विभाग में भी महिला एवं बाल विकास विभाग जैसा दलालों का गठजोड चल रहा है।
Published on:
26 May 2018 05:54 pm

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