
विकास जैन / जयपुर। राजधानी में वीकेआई रोड नंबर एक स्थित मालपाणी हॉस्पिटल में अनपढ़ ग्रामीणों को दिहाडी मजदूरी के बहाने लाकर ड्रग ट्रायल का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चूरू जिले की बीदासर तहसील के डिगारिया गांव के 21 लोगों को 18 अप्रेल को दलाल के जरिये यहां लाया गया। वहीं सात लोग अलीपुर भरतपुर के भी यहां बताया जाए रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार दलाल ने गांव में इन्हें बताया कि उन्हें प्रतिदिन के 500 से 1000 रुपए दिहाडी के तौर पर मिलेंगे। इन लोगों को यहां लाकर एक दिन रखा गया। इसके बाद 19 अप्रेल को सुबह करीब 11 बजे इन्हें एक एक टेबलेट दी गई। अनपढ़ ग्रामीणों में से अधिकांश ने ये दवाइयां खा ली। लेकिन कुछ लोग इससे इनकार कर वापस चले गए। जिन्होंने गोलियां खाई उनमे से कई को नशे की स्थिति हो गई, तो कई के हाथ पैरों में दर्द शुरू हो गए।
हैल्पलाइन से मांगी मदद
वापस लौटे परिजनों ने सुजानगढ़ में एक हैल्पलाइन चलाने वाले विमल तोषनीवाल को इसकी सूचना दी। इसके बाद तोषनीवाल पीडि़त ग्रामीणों को शुक्रवार को जयपुर में मीडिया के सामने लाए। जहां ग्रामीणों ने अपनी आप बीती बताई। इन्होंने बताया कि किसी शेरसिंह नाम के दलाल के जरिये इन्हें जयपुर के निजी अस्पताल तक लाया गया।
ये आए मीडिया के सामने
गांव से जयपुर लाए गए लोगों में से अधिकांश की उम्र 18 से 50 साल के आस पास बताई जा रही है। इन्होंने बताया कि उनसे आधार की कॉपी भी ली गई। जब उन्हें गोली खिलाई गई तो उसे सामान्य गोली बताया गया। लेकिन जब उन्होंने गोलियां खाई तो उससे नशे जैसे स्थिति हो गई।
इन्होंने मीडिया को बताई आप बीती
शुक्रवार दोपहर विधानसभा के गेट नंबर तीन पर एकत्रित होकर सांवरमल, कालूराम, भागूराम, बनवारी, लिच्छु, मूलाराम आदि ने अपने साथ हुए वाकये को बताया। वहीं सूखाराम, हरजीराम, छोटूराम, लिछुराम आदि बिना गोली लिए वापस लौटे और परिचितों को आपबीती बताई।
Published on:
20 Apr 2018 06:25 pm
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