
जयपुर. लोगों को सेहतमंदी देने वाले अस्पतालों की चौखट पर ही खुलेआम नशे की सामग्रियां बेची जा रही है। सवाई मानसिंह अस्पताल से लेकर जेकेलोन, महिला चिकित्सालय और जनाना जैसे बड़े अस्पतालों तक एक जैसे हाल हैं। राजस्थान पत्रिका टीम ने शुक्रवार को पड़ताल की तो कहीं शराब की खाली बोतलें पड़ीं दिखाई दीं तो कहीं तंबाकू उत्पाद बिकते दिखे।
महिला चिकित्सालय परिसर में रात के समय खुलेआम शराबखोरी की जाती है, यहां शराब की खाली बोतलें पड़ी हैं। अस्पताल सूत्रों के अनुसार मरीजों के कुछ परिजन रात के समय परिसर में ही शराब पीते हैं। गणगौरी अस्पताल में भी नि:शुल्क दवा काउंटरों के पास भी शराब की खाली बोतल नजर आईं। चौंकाने वाली बात यह है कि अस्पताल प्रशासन, नगर निगम और स्थानीय पुलिस की जानकारी में होने के बावजूद इन्हें नहीं रोका जा रहा। तंबाकू निषेध अधिनियम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम भी इन्हें नजरअंदाज कर रही है।
नगर निगम की ओर से आवंटित कियोस्क के अलावा थडि़यों, ढाबों और यहां तक की दिव्यांगों को दी जाने वाली साइकिलों तक पर गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट बिक रहे हैं। सवाईमानसिंह अस्पताल से सटी थडियों और ढाबों पर शराब की बिक्री का खुलासा करने के बाद राजस्थान पत्रिका टीम ने शुक्रवार को शहर के अन्य अस्पतालों में देखा तो मुख्य गेट के बाहर थड़ियों, गुमटियों व दिव्यांग साइकिलों पर तंबाकू उत्पाद बिकते दिखे।
सवाईमानसिंह अस्पताल के बाहर ही खुले में गुटखा, तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट बिक रहे हैं। यहां 120 मीटर की दूरी में कियोस्क, थड़ियों, दिव्यांग साइकिलों और टेबल पर 7 तंबाकू दुकानें खुली मिली। सरकारी आवंटित कियोस्क में धूम्रपान बेचने वाले बेखौफ नजर आए। गेट नंबर एक, दो व तीन के बाहर ही ये दुकानें लगी हुई हैं। गेट नंबर तीन के पास बने कियोस्क के बाहर रिपोर्टर ने 20 मिनट तक देखा तो 70 से अधिक लोगों ने गुटखा व सिगरेट खरीदा। इस दौरान कुछ बच्चे भी गुटखा खरीदते दिखाई दिए।
जेकेलोन अस्पताल के बाहर खुले में तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे हैं। मुख्य गेट पर दोनों ओर दिव्यांग साइकिलों पर भी तंबाकू उत्पाद बेचे जा रहे थे। अस्पताल के बाहर 100 मीटर की दूरी में ही तीन तंबाकू 'दुकान' खुली मिली। नजदीक ही गंगवाल पार्क के बाहर ठेले को ही धूम्रपान की दुकान बना रखा है। इन पर खुले आम गुटखा, जर्दा, सिंगरेट व बीड़ी आदि बिक रहे है।
चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल परिसर में खुलेआम धूम्रपान किया जा रहा है। परिसर में मरीजों के साथ आए तीमारदार धूम्रपान कर रहे हैं, जिन्हें रोकने टोकने वाला कोई नहीं है।
नहीं बेचे जा सकते तंबाकू उत्पाद
सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध तथा व्यापार और वाणिज्य, उत्पादन, आपूर्ति और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 (कोटपा) के तहत स्कूल और अस्पताल परिसर के 100 मीटर के दायरे में तंबाकू उत्पाद नहीं बेचे जा सकते है।
- संदीप लुहाड़िया, एडवोकेट, राजस्थान हाइकोर्ट
Published on:
27 Dec 2025 11:58 am
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