
DGP Bhupendra singh
जयपुर. प्रदेश में बढ़ते क्राइम को देखते हुए अब हर जिले में जिला विशेष टीम (डीएसटी) का गठन किया जाएगा। संगठित अपराध और आपराधिक माफिया गिरोह पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस महानिदेशक भूपेन्द्र सिंह ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इसके तहत 11 बिंदुओं पर नवगठित टीम का कार्य विभाजन कर थाना पुलिस और एसओजी की सहायता के लिए डीएसटी की मंजूरी दी है। इसमें स्पेशल टीम में मौजूदा नफरी में से ही एक पुलिस निरीक्षक या उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारी प्रभारी होंगे। जिनके अधीन 2 सहायक उप निरीक्षक व हेड कांस्टेबल और 10 से 12 कांस्टेबल का स्टाफ शामिल किया जाएगा।
काबिल, इमानदार अफसरों से बनेगी डीएसटी
महानिदेशक ने बताया कि जिला स्पेशल टीम में चयन पुलिसकर्मियों की कार्यकुशलता, निष्ठा एवं उनके द्वारा पूर्व में किए गए आसूचना संकलन, अपराधों की रोकथाम एवं अन्वेषण क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। इस विशेष टीम में जिला साइबर सेल के सदस्य भी शामिल होंगे। स्पेशल टीम एसपी के सुपरविजन में कार्य करेगी।
इसलिए बताई जरूरत
गुजरात, यूपी, एमपी, हरियाणा, पंजाब एवं अंतरराष्ट्रीय सीमा राजस्थान से लगने तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल होने के कारण राजस्थान में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों का आवागमन रहता है। जिसकी वजह से राजस्थान में संगठित अपराधों में वृद्धि हुई है।
टीम का यह रहेगा काम
-समस्त पुलिस थानों को संगठित अपराधों पर नियंत्रण व अपराधियों का पता लगाने के लिए आसूचनाओं का संकलन कर प्रभावी कार्यवाही करना होगा।
-संगठित अपराधियों व माफिया गिरोह की पहचान कर रेंज स्तर सेल व एसओजी से समन्वय स्थापित कर आ-सूचनाओं का आदान-प्रदान करना।
-संगठित अपराधियों व माफिया गिरोह का डोजियर एवं विस्तृत डाटा बैंक तैयार करना।
-संगठित अपराधों की रोकथाम के लिए हार्डकोर अपराधियों पर निगरानी कर उनके विरुद्ध कार्यवाही करना।
- संगठित अपराध करने वाले अपराधियों के संबंध में न्यायालय में लंबित प्रकरणों में सजा करवाने व जमानत निरस्त करवाने के संबंध में मार्गदर्शन करना।
-जिले में स्थित जेलों में बंद माफिया पर सतत निगरानी कर उनके द्वारा जेल से किए जाने वाले अपराधों पर सख्त नियंत्रण।
-जिला स्पेशल टीम सीमावर्ती राज्यों से संगठित आपराधिक गिरोह की गतिविधियों के संबंध में समन्वय स्थापित कर कार्रवाई करेंगी।
-अंतर जिला व एसओजी से संगठित गिरोह की गिरफ्तारी के लिए मासिक आपराधिक आ-सूचना प्रसारित करना। संगठित अपराधों में वांछित गिरोह के अपराधियों को गिरफ्तार करने के लिए संबंधित थाना स्टाफ को मार्गदर्शन व सहयोग करना।
-संगठित अपराधियों से राज्य कर्मचारियों की मिलीभगत के संबंध में पुलिस अधीक्षक व उच्चाधिकारियों को अवगत करवाना। संगठित माफिया व अपराधियों द्वारा अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों का चिन्हिकरण कर कानूनी कार्रवाई करना।
Published on:
21 Dec 2019 06:25 pm
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