7 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

catch_icon

प्लस

epaper_icon

ई-पेपर

profile_icon

प्रोफाइल

Menstrual Hygiene Day: 11 साल की उम्र से ही शुरू हो रहे पीरियड्स का क्या है बड़ा कारण, कैसे रखें ध्यान

Menstrual hygiene day: जीवनशैली में बदलाव के कारण बालिकाओं को कम उम्र में ही पीरियड (माहवारी) शुरू हो रहे हैं। कुछ वर्ष पहले तक जहां बालिकाओं में पीरियड के शुरुआत की उम्र 14-16 वर्ष थी, वह अब घटकर 11-13 वर्ष के बीच आ गई है। शहरी ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी बालिकाओं को कम उम्र में पीरियड्स शुरू हो जाते हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Kirti Verma

May 28, 2023

photo_6311984943403742492_y.jpg

Menstrual hygiene day: जीवनशैली में बदलाव के कारण बालिकाओं को कम उम्र में ही पीरियड (माहवारी) शुरू हो रहे हैं। कुछ वर्ष पहले तक जहां बालिकाओं में पीरियड के शुरुआत की उम्र 14-16 वर्ष थी, वह अब घटकर 11-13 वर्ष के बीच आ गई है। शहरी ही नहीं ग्रामीण इलाकों में भी बालिकाओं को कम उम्र में पीरियड्स शुरू हो जाते हैं। मानसिक परिपक्वता से माहवारी शुरू होने के कारण कई बालिकाएं अवसाद का भी शिकार हो रही हैं।

मां बन रही मददगार
बालिकाओं के लिए उनकी मां मददगार साबित हो रही हैं। वे न केवल उन्हें माहवारी के बारे में बता रही हैं बल्कि हाइजीन का ध्यान रखना भी सिखा रही हैं। अमरीका के नेशनल सेंटर फॉर बॉयोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन की राजस्थान पर हुई एक स्टडी के अनुसार 82 फीसदी बालिकाओं को पहले पीरियड्स के बारे में जानकारी उनकी मां ने दी। वहीं 13 प्रतिशत मामलों में बड़ी बहन, 4 प्रतिशत मामलों में दोस्त व एक प्रतिशत में किसी अन्य ने उन्हें यह जानकारी दी।

हाइजीन के प्रति भी सजग हुईं लड़कियां
पीरियड्स के दौरान अब गंदे कपड़े या अन्य साधनों का इस्तेमाल लड़कियां बेहद कम कर रही हैं। पिछले पांच साल में सेनेटरी नैपकिन का उपयोग बढ़ा है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-5 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 84.1 फीसदी लड़कियां व महिलाएं (15-24 वर्ष की) माहवारी के दौरान स्वच्छता का ध्यान रखती हैं। जबकि पांच साल पहले हुए यह आंकड़ा केवल 55.2 प्रतिशत था।


कम उम्र में पीरियड्स शुरू होने के कारण

- जंक फूड व फास्ट फूड अधिक खाना
- मोबाइल-कम्प्यूटर पर ज्यादा समय बिताना
- वर्चुअल दुनिया में रहने के कारण अकेलापन महसूस होने लगता है
- शारीरिक गतिविधियां कम होने से वजन का बढ़ना
इन सभी कारणों से हार्मोन्स जल्दी सक्रिय होने लगते हैं।

यह भी पढ़ें : वृद्धा की हत्या का आरोपी हाइड्रोफोबिया का शिकार, चिकित्सक बोले - संभवत: देश में ऐसा पहला मामला


आजकल की लाइफ स्टाइल का सीधा असर लड़कियों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। उन्हें 11-12 साल की उम्र में पीरियड्स शुरू हो रहे हैं। इतनी छोटी बच्चियां पीरियड्स को देखकर कई बार डर जाती हैं। उन्हें न केवल पूरी जानकारी दे बल्कि यह महसूस भी करवाएं कि ये सामान्य है। कोई बीमारी नहीं है। काउंसलिंग के साथ ही उनकी शारीरिक गतिविधियों का भी ध्यान रखें। ब्लीडिंग के कारण उनमें आयरन की कमी भी हो सकती है। इसलिए खान-पान का ध्यान रखें।

73 फीसदी महिलाएं चाहती हैं कंपनियां दें ‘पीरियड लीव’
माहवारी के दौरान महिलाओं को लगभग एक हफ्ते तक कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से लंबे समय से महिलाएं कंपनियों से पीरियड लीव की मांग कर रही हैं। देश में मासिक धर्म स्वच्छता सर्वे 2023 के मुताबिक 73% महिलाएं चाहती हैं कि कंपनियां उन्हें पीरियड लीव दें, जबकि 71.7 % नहीं चाहतीं कि मासिक धर्म की छुट्टी का भुगतान किया जाए। क्योंकि उन्हें डर है कि इससे कंपनियां महिला कर्मचारियों को नौकरी देने में आनाकानी कर सकती हैं। सर्वे में महानगरों की 10 हजार लड़कियां और महिलाओं ने हिस्सा लिया। पैन हेल्थकेयर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चिराग पान ने कहा, कॉरपोरेट क्षेत्र को अनुकूल सुविधाएं देनी चाहिए।

यह भी पढ़ें : परिणीति और राघव की राजस्‍थान में होगी शादी!, चौपड़ा उदयपुर तो चड्ढा जयपुर में देख रहे परफेक्ट वेन्यू

सर्वे में यह भी सामने आया कि 86.6 % महिलाएं ऐसी कंपनियों में काम करना चाहती हैं, जो पीरियड के दौरान अनुकूल माहौल दे सकें।