
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने युवक को हनी ट्रैप में फंसाकर अपहरण करने और उसकी हत्या करने के मामले में प्रिया सेठ को जमानत से फिर इंकार कर दिया। इससे पहले हाईकोर्ट ने 6 जुलाई 2020 को जमानत प्रार्थना पत्र खारिज किया था।
हाईकोर्ट ने प्रिया सेठ का द्वितीय जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। इसमें कहा था कि याचिकाकर्ता, दीक्षांत कामरा और लक्ष्य वालिया पर हत्या और साक्ष्य मिटाने को लेकर आरोप तय हो चुके हैं। वालिया को हाईकोर्ट जमानत पर रिहा कर चुका है। करीब 16 माह से एक भी गवाह के बयान दर्ज नहीं हुए हैं। ऐसे में जमानत पर रिहा किया जाए।
सरकारी वकील शेरसिंह महला ने जमानत प्रार्थना पत्र का विरोध करते हुए कहा कि प्रिया सेठ के फ्लैट में युवक दुष्यंत की हत्या हुई। याचिकाकर्ता ने पहले दोस्ती की और बाद में उसे घर बुलाकर कैद कर लिया। याचिकाकर्ता ने मृतक के पिता से फोन पर दस लाख रुपए की फिरौती मांगी और मई 2018 में साथी युवकों से मिलकर दुष्यंत के शव को सूटकेस में डालकर आमेर की पहाडियों में फैंक दिया।
मामले में 42 में से 30 गवाहों के बयान हो चुके हैं। ऐसे में जल्द ही ट्रायल पूरी होने वाली है। इसलिए आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता। इस पर कोर्ट ने जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
Published on:
27 Jul 2021 09:49 pm
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