21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

क्या है पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का ‘सच’, पुस्तक में होगा खुलासा

किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट लिखित पुस्तक पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का 'सच' का विमोचन रविवार को राजस्थान हाइकोर्ट के सतीश चंद सभागार में पूर्व न्यायधीश पानाचंद जैन ने किया।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rakhi Hajela

Nov 06, 2022

क्या है पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का  'सच', पुस्तक में होगा खुलासा

क्या है पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का 'सच', पुस्तक में होगा खुलासा


पूर्व न्यायधीश पाना चंद जैन ने किया विमोचन

जयपुर।
किसान महापंचायत के अध्यक्ष रामपाल जाट लिखित पुस्तक पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का 'सच' का विमोचन रविवार को राजस्थान हाइकोर्ट के सतीश चंद सभागार में पूर्व न्यायधीश पानाचंद जैन ने किया। पुस्तक को लेकर अध्यक्ष रामपाल जाट ने बताया कि पुस्तक में उन सभी पत्रों,जल नियंत्रण मंडल की बैठकों के निर्णयों को शामिल किया है जो इस परियोजना को लेकर समय-समय पर लिए गए। पत्र और निर्णयों के अध्ययन से स्पष्ट है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना के लिए मध्य प्रदेश से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना जरूरी नहीं है, क्योंकि 3 जून 1999 व 25 अगस्त 2005 को अंतरराज्यीय जल नियंत्रण मंडल की बैठक में मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच यह स्पष्ट कर दिया गया कि कोई भी राज्य स्वयं की भूमि पर जल भराव रख सकता है। राज्य स्वंय के कैचमेंट एरिया का पानी ले और अन्य राज्य के कैचमेंट से दस प्रतिशत से ज्यादा पानी नहीं ले। पुस्तक में यह भी बताया गया है कि पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना की 50 प्रतिशत तक जल निर्भरता की डीपीआर पूरी तरह से सही है। इसको 75 प्रतिशत की निर्भरता पर संशोधित कराने का अनुचित दबाव बनाया जा रहा है। पूर्व न्यायाधीश पानाचंद जैन ने पुस्तक को किसानों की जीवन रेखा की संज्ञा दी और दोनों सरकारों से परियोजना को जल्द ही पूरा करने का आग्रह किया तथा किसानों को एकजुट रहने का भी संदेश दिया।
केंद्र एवं राज्य सरकार आपस में आरोप प्रत्यारोप बंद करे -पूर्व आईएएस जस्सा राम
बार कॉउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष बीरी सिंह सिनसिनवार का कहना था कि भरतपुर, धौलपुर,करौली, सवाई माधोपुर जिलों के किसानों की आय बढ़ाने के लिए और गरीबी से बाहर निकालने के लिए पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का एक ही वर्ष में राजस्थान सरकार पूर्ण कर सकती है। आने वाले बजट में 30 हजार करोड़ की व्यवस्था कर 13 जिलों के किसानों को सिंचाई का पानी और पीने के पानी की आवश्यकता की पूर्ति कर सकती है। बजट में आवंटन कर डूंगरी बांध का निर्माण के लिए उद्घाटन करना चाहिए ताकि किसानों को पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना का फायदा मिल सके। इस दौरान पूर्व आईएएस जस्सा राम ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार आपस में आरोप प्रत्यारोप बंद करे और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना का पूर्ण करने में अपना योगदान दे। राजस्थान के लिए सौभाग्य की बात है प्रदेश के सांसद गजेंद्र सिंह केंद्रीय जल मंत्री है, जिसका लाभ प्रदेश को तत्काल मिलना चाहिए। विमोचन कार्यक्रम में पूर्व आइएएस जसराम,पूर्व जिला जर्ज किशन गुर्जर,खंडार प्रधान नरेन्द्र चौधरी समेत अन्य गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
किसान महापंचायत जयपुर जिले में हुई नियुक्तियां
जयपुर जिले में किसानों की आवाज को धार देने और किसानों को एकजुट करने को लेकर जयपुर जिला प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट की सहमति के बाद जयपुर जिले को चार भागों उत्तर, दक्षिण, पूव, पश्चिम में बांटकर चारों के अध्यक्षों की घोषणा की। जिसमें जयपुर उत्तर से ओपी यादव, जयपुर दक्षिण से मोतीलाल खाड़लवाल, जयपुर पूर्व से नीलम क्रांति और जयपुर पश्चिम से किशनलाल मीणा को अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी प्रदान की।