
जयपुर . पिंकसिटी की खूबसूरती में चार चांद लगाने के लिए दिवाली की तैयारी पूरी हो चुकी है। लोगों के घरों को रंग बिरंगी रोशनी से सराबोर करने के लिए इस दिवाली लैंटर्न को काफी पसंद किया जा रहा है। दिवाली के लिए बाजारों में इस बार कई तरह के लैंटर्न देखने को मिल रहे हैं। इनमें पेपर, जूट, क्लॉथ, प्लास्टिक, मेटल और स्काई लैंटर्न खास हैं। व्यापारियों का कहना है कि इकोफ्रेंडली और ब्यूटीफुल प्रजेंटेशन होने के चलते इनकी डिमांड में खासा इजाफा हुआ है। कई लोग इन्हें कन्वेंशनल लाइट्स के अल्टरनेटिव्स के तौर पर देख रहे हैं। खास बात यह है कि ये लैंटर्न इंडोर और आउटडोर, दोनों के लिए इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
डू इट योरसेल्फ
बाजार में लैंटर्न के मैटेरियल भी सेल किए जा रहे हैं, जिन्हें आप घर पर स्वयं भी बना सकते हैं। इसके लिए टेक्नोलॉजी की भी मदद ली जा सकती है। वैसे वेस्ट पेपर, प्लास्टिक या क्लॉथ से भी आप यूट्यूब की मदद से लैंटर्न बना सकते हैं। इन क्राफ्ट्स को आसानी से चुटकियों में बनाकर घर को सजाया जा सकता है। हालांकि स्काई लैंटर्न भी घर में बनाए जा सकते हैं, लेकिन इसमें थोड़ी मेहनत और मैटेरियल की जरूरत ज्यादा होगी।
एेसे शुरू हुआ था सफर
पेपर लैंटर्न का चलन एशियन कल्चर के फेस्टिवल्स से जुड़ा है। पेपर लैंटर्न चाइना, कोरिया, जापान, वियतनाम, थाईलैंड, म्यांमार, श्रीलंका, कंबोडिया, सिंगापुर और मलेशिया जैसे देशों में काफी पॉपुलर है। चाइना में शॉपकीपर अपनी दुकानों पर लोगों को आकर्षित करने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं। यहां हर साल लैंटर्न फेस्टिवल मनाया जाता है। एेसा माना जाता है कि स्काई लैंटर्न आकाश में छोड़ दी जाएं तो विशेज पूरी होती हैं। कुछ चाइनीज लैंटर्न पर ये विशेज लिखी जाती हैं।
Published on:
18 Oct 2017 04:03 pm
