
जयपुर/ झालावाड़।
विधानसभा चुनाव (Rajasthan Assembly Election 2018) से ठीक पहले मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे (Chief Minister Vasundhara Raje) को उनकी झालरापाटन सीट से प्रतिद्वंदी मिल गया है। दरअसल, इस सीट से सियासत की नई पारी खेल रहीं मुकुल पंकज चौधरी ने सीएम राजे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने का ऐलान किया है। सीएम राजे को पटखनी देने के लिए इन दिनों मुकुल पंकज चौधरी ज़ोर-शोर से चुनाव प्रचार अभियान में जुटीं हुईं हैं। गौरतलब है कि वे कई बार विवादों में रहे आईपीएस अफसर पंकज चौधरी (IPS Pankaj Choudhary) की पत्नी हैं।
सोशल मीडिया में भी हो रहा जमकर प्रचार
सीएम राजे के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने की घोषणा कर चुंकीं मुकुल चौधरी घर-घर संपर्क अभियान तो चला ही रहीं हैं साथ ही सोशल मीडिया पर भी एक्टिव हो गईं हैं। राजनीति की दिग्गज सीएम राजे के खिलाफ ताल ठोकने वाली मुकुल पंकज चौधरी ग्राउंड और सोशल मीडिया पर सक्रीय होते हुए झालरापाटन सीट के ज़्यादा से ज़्यादा लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रहीं हैं।
ये लिखा फेसबुक पोस्ट पर
आईपीएस पंकज चौधरी की पत्नी मुकुल पंकज चौधरी ने हाल ही में झालरापाटन सीट से मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ चुनाव लड़ने का आह्वान किया है। हाल ही में उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के ज़रिये जनता से सन्देश साझा किया।
इस पोस्ट में उन्होंने खुद को झालरापाटन की बेटी बताते हुए आगामी चुनाव में क्षेत्रवासियों से आर्थिक मदद की अपील की है। इस अपील में उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से 11 रूपए के सहयोग से भारी बहुमत से जीतने का संकल्प लेना बताया है।
मुकुल पंकज चौधरी का कहना है कि भ्रष्टाचार और तानाशाही से मुक्ति का एंजेडा प्रमुखता उठाते हुए विधानसभा क्षेत्र झालरापाटन के समग्र विकास को गति देना उनका लक्ष्य है। चुनाव में उतरने से पहले मुकुल ने नारा दिया है 'कमल का फूल,हमारी भूल, राजे का राज हमारे लिए खाज।'
आसान नहीं होगा सीएम राजे को हराना
गौरतलब है कि झालरापाटन विधानसभा सीट से सीएम वसुंधरा राजे तीसरी बार प्रतिनिधित्व कर रही हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे साल 2003 से ही इस सीट पर लागातार काबिज हैं। वसुंधरा को हारने के लिए कांग्रेस पार्टी ने साल 2003 में कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट की मां रमा पायलट को मैदान में उतारा था। लेकिन रमा पायलट 27 हज़ार 375 वोटों के भारी अंतर से चुनाव हार गईं थीं।
साल 2008 के विधानसभा चुनाव में वसुंधरा राजे ने कांग्रेस के मोहन लाल को 32 हज़ार 581 मतों से शिकस्त दी थी। वहीं साल 2013 में भी जीत की हैट्रिक लगाते हुए सीएम राजे ने पूर्व महाराजा धनसिंघ चंद्रावत की पुत्री और कांग्रेस की पूर्व विधायक मीनाक्षी चंद्रावत को 60 हज़ार 896 वोटों के भारी अंतर से शिकस्त दी थी।
Updated on:
23 Sept 2018 02:33 pm
Published on:
23 Sept 2018 02:30 pm

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