जयपुर।
राजस्थान में विधानसभा चुनाव में बडे पैमाने पर धनबल से मतदाताओं को प्रभावित किया जाए उससे पहले राज्य के निर्वाचन विभाग ने ड्रग्स,शराब तस्करों की कमर तोड़ दी है। निर्वाचन विभाग के सीजर मैनेजमेंट सिस्टम ने आठ दिन में ही राजस्थान में मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए तस्करी कर लाई गई 105 करोड़ रुपए की ड्रग्स,शराब,नकदी जब्त कर नया रेकार्ड बना दिया है। चुनाव आयोग ने इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम की तारीफ की है। चुनाव आयोग ने निर्वाचन विभाग के निर्देश पर प्रदेश में विभिन्न एनफोर्समेंट एजेंसियों के सीजर संबंधी काम की प्रशंसा की है । भारत निर्वाचन आयोग के उपायुक्त अजय भादू ने बुधवार को जयपुर में एनफोर्समेंट एजेंसियों की राज्य स्तरीय बैठक में कहा कि अभी तक राजस्थान का सीजर संबंधी काम शानदार रहा है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन विभाग के निर्देश पर एनफोर्समेंट एजेंसियों ने विधानसभा चुनाव 2018 के मुकाबले बेहतरीन कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि 9 अक्टूबर को आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक एजेंसियों ने 105 करोड़ रुपए से ज्यादा की कीमत की अवैध सामग्री जब्त कर नया रेकार्ड कायम किया है। उन्होंने जयपुर, उदयपुर, बाड़मेर, श्रीगंगानगर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और जोधपुर जिले के सीजर संबंधी काम की प्रशंसा की है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रवीण गुप्ता ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग की ओर से इलेक्शन सीजर मैनेजमेंट सिस्टम के संबंध में एनफॉर्समेंट एजेंसियों के स्टेट नोडल ऑफिसर के साथ बैठक एवं जिलों के लिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रखी गई थी। जिसमें निर्वाचन में पारदर्शिता को बढ़ाने के लिए ईएसएमएस( चुनावी जप्ती प्रबंधन प्रणाली) एप्लीकेशन के उपयोग के बारे में बताया गया।
बैठक में भारत निर्वाचन आयोग के निदेशक पंकज श्रीवास्तव, अवर सचिव अनुप कुमार, एएसओ सचिन जिंदल, सोल्युशन डिलिवरी के प्रमुख संतोष कुमार पठारिया सहित एनफॉरसमेंट एजेंसियों के स्टेट नोडल ऑफिसर्स, और निर्वाचन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।