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चुनावी साल में भाजपा के लिए सिरदर्द बने एनकाउंटर

चुनावी साल में भाजपा के लिए सिरदर्द बने एनकाउंटर

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BJP का चुनावी रोडमैप-सातों मोर्चाओं को सदस्य बनाने का दिया लक्ष्य, बूथ सम्मेलन की तैयारी

जयपुर।

गैंगस्टर आनंदपाल जब तक जीवित रहा है पुलिस और भाजपा के लिए सिर दर्द बना रहा है। कांग्रेस ने कोई भी मौका नहीं छोड़ा जब आनंदपाल के बहाने सरकार पर निशाना नहीं साधा हो और एनकाउंटर के बाद भी आनंदपाल भाजपा को डरा रहा है इस पर चतरसिंह एनकाउंटर मामले में भी भाजपा निशाने पर है विशेषतौर पर राजपूत समाज भाजपा से खासा नाराज है।

आज ही के दिन हुआ था एनकाउंटर
चतरसिंह को पुलिस ने जैसलमेर साइड में 25 जून को एनकाउंटर में मार दिया था। जिसको लेकर राजपूत समाज ने नाराजगी जाहिर करते हुए फर्जी एनकाउंटर बताया था और सरकार ने सीबीआई की सिफारिश भी की थी लेकिन इसकी सीबीआई जांच आज तक भी नहीं हो सकी है और इस पर कोई फैसला भी नहीं हुआ है।

जुटेगें हजारों राजपूत
आज जैसलमेर में हनुमान चौराहे पर राजपूतों की बैठक होने जा रही है जिसमें राजस्थान और अन्य राज्यों से राजपूत नेताओं के शामिल होने जा रहे है। महासभा में चतुरसिंह को श्रद्धांजलि एवं उसके बाद प्रदेश भर से आए लोगों द्वारा संबोधित किया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन देकर सरकार को चेताया जाएगा। आठ सौ से भी ज्यादा पुलिसकर्मियों की टीम को इसके लिए तैनात किया गया है। साथ ही चार आईपीएस और छह आरपीएस अफसरों को भी लगाया गया है। माहौल पर पूरी तरह से नजर रखने के लिए आईबी की टीम भी मौके पर तैनात की गई है।

इसलिए आया था शेखावत का नाम

केंद्रीय नेतृत्व भी मान रहा है कि प्रदेश में राजपूत समाज भाजपा से नाराज चल रहा है इसी वजह से केंद्र ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष के गजेंद्र सिंह शेखावत का नाम आगे बढ़ाया था लेकिन प्रदेश नेतृत्व की नाराजगी के चलते इस पर सहमति नहीं बन पाई और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का मामला अटक गया। बीते करीब ढ़ाई महीने से भाजपा का प्रदेशाध्यक्ष पद खाली है।