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नई आबकारी नीति में हेरिटेज होटल और होटल का फर्क खत्म, एक समान देना होगा बार शुल्क

नई आबकारी नीति (New excise policy) में सरकार ने हेरिटेज हवेलियों (Heritage Havelis) में होटलों का संचालन करने वाले मालिकों को इस बार सरकार ने करारा झटका दिया है। सरकार ने समस्त हेरिटेज होटलों की श्रेणियों का खत्म करते हुए उन्हें बार लाइसेंस शुल्क (Bar license fee) में एक श्रेणी में ला खड़ा किया है।

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जयपुर

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vinod saini

Feb 18, 2020

नई आबकारी नीति में हेरिटेज होटल और होटल का फर्क खत्म, एक समान देना होगा बार शुल्क

नई आबकारी नीति में हेरिटेज होटल और होटल का फर्क खत्म, एक समान देना होगा बार शुल्क

जयपुर/ उदयपुर। नई आबकारी नीति (New excise policy) में सरकार ने हेरिटेज हवेलियों (Heritage Havelis) में होटलों का संचालन करने वाले मालिकों को इस बार सरकार ने करारा झटका दिया है। सरकार ने समस्त हेरिटेज होटलों की श्रेणियों का खत्म करते हुए उन्हें बार लाइसेंस शुल्क (Bar license fee) में एक श्रेणी में ला खड़ा किया है। अब समस्त होटल संचालकों को अपने-अपने क्षेत्र के मुताबिक 10 लाख रुपए लाइसेंस फीस देकर बार का लाइसेंस लेना होगा। इसके अलावा उन्हें अपनी होटलों में अतिरिक्त काउंटर के भी 5 लाख रुपए अलग से जमा करवाने होंगे।
पूर्ववर्ती सरकार ने राजा रजवाड़ों के ठिकानों, बंद पड़ी हवेलियों व अन्य हेरिटेज प्रोपर्टी में होटल संचालन कर पर्यटकों को लुभाने के लिए शराब के लाइसेंस में छूट दी थी। यह छूट सामान्य होटल की फीस से काफी कम थी। पांच साल तक पूर्ववर्ती सरकार ने हर साल हेरिटेज में लगातार छूट दी। इस छूट का फायदा उठाकर इन मालिकों ने पर्यटकों से शराब को खूब पैसा वसूला।

नई नीति में भारी बदलाव
आबकारी अधिकारियों का कहना है कि राजस्थान में आने वाले विदेशी पर्यटक अधिकांश हेरिटेज होटलों व पुराने भवन में ही ठहरते हैं। देसी पर्यटकों की भी इनमें काफी आवाजाही है। होटल मालिक सस्ते में लाइसेंस लेने के बाद पर्यटकों से दुगुनी कीमत वसूलते हुए सरकार को राजस्व की चपत लगा रहे थे। वर्तमान सरकार ने नई नीति में हेरिटेज की समस्त श्रेणियों को खत्म कर उन्हें एक केटेगरी में डालते हुए उनकी लाइसेंस फीस 10 लाख रुपए कर दी। इस फीस से यह महंगी होटलें भी सामान्य होटलों के लाइसेंस फीस के बराबर आ गई।

खत्म की सभी श्रेणियां
पूर्ववर्ती सरकार ने हेरिटेज की अलग-अलग श्रेणियां निर्धारण के लिए एक कमेटी का गठन किया हुआ था। इस कमेटी होटलों के रूम व लोकेशन के आधार पर उन्हें ए, बी, सी श्रेणी में बांट रखा था। सरकार ने अब सभी श्रेणियों को एक कर दिया।

इतनी थी फीस, अब इतनी हो गई

- हेरिटेज होटल में पूर्व में- ए श्रेणी- 4.50 लाख, बी श्रेणी- 2.00 व सी श्रेणी- 1 लाख
- हेरिटेल होटलों की अब फीस - जयपुर, जोधपुर,उदयपुर, माउंटआबू, जैसलमेर एवं कुंभलगढ़ के 10 किलोमीटर परिधी क्षेत्र में लाइसेंस फीस-10 लाख

- भिवाड़ी, रणकपुर, रणथम्भौर के पांच किलोमीटर परिधि व अन्य संभाग व जिला स्तरीय मुख्यालय पर लाइसेंस फीस-8 लाख

- अन्य कस्बा क्षेत्र के लिए लाइसेंस फीस-5 लाख रुपए।


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