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Makar Sankranti: जयपुर में मकर संक्रांति पर दिनभर पतंगें थिरकीं, शाम पटाखों ने लगाए ठुमके, CM भजनलाल ने जलमहल पर उड़ाई पतंग

राजधानी जयपुर में मकर संक्रांति का पर्व पूरे उल्लास के साथ मनाया गया। दिनभर आसमान सतरंगी पतंगों से भरा रहा और “वो काटा” की गूंज हर छत पर सुनाई दी। शाम होते ही आतिशबाजी और पटाखों ने माहौल और रंगीन बना दिया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जलमहल पर पतंग उड़ाकर पर्व का शुभारंभ किया।
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जयपुर

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Arvind Rao

Jan 14, 2026

Makar Sankranti

सीएम भजनलाल शर्मा पतंग उड़ाते हुए (फोटो- पत्रिका)

Makar Sankranti Jaipur: जयपुर: सतरंगी पतंगों से आबाद आसमां…ये काटा…वो काटा की गूंज और डीजे बीटस पर पतंगबाजी में मशगूल हर उम्र के लोग…। बुधवार को नववर्ष 2026 के पहले बड़े पर्व मकर संक्रांति पर राजधानी जयपुर में छतों से आसमान तक पतंग देखने को मिला।

मकर संक्रांति पर्व के मौके पर पूरा शहर छतों पर नजर आया। मौसम का भी पूरा साथ रहा। हालांकि, सुबह हवा की गति बीच-बीच में धीमी रही। इसके बाद पतंगबाजी चारदीवारी सहित पूरे शहर में परवान पर रही। जो जहां था, बस वहीं से हाथ में चरखी लिए पेंच लड़ाने में मशगूल था।

वहीं, सुबह दान पुण्य के लिहाज से लोगों ने गायों को चारा और गुड़़ खिलाया। गलता सहित अन्य जलाशयों में लोगों ने डुबकी लगाकर दान पुण्य किया। वहीं, महिलाओं ने 14 वस्तुएं दान कीं। चारदीवारी के कई बाजार भी बंद रहे। युवाओं ने पतंगबाजी के नजारों को मोबाइल में कैद कर रील्स, वीडियो और सेल्फी सोशल नेटवर्क पर साझा किया।

आपरेशन सिंदूर, नरेंद्र मोदी की पतंगें आई नजर

दिनभर नए और पुराने गानों पर लोग छतों पर और पतंगें आसमान में ठुमकी लगाती रहीं। सुबह के नाश्ते से लेकर शाम तक भोजन भी छतों पर हुआ। गर्मागर्म पकोड़ी, फीणी और चाय के दौर के बीच पतंगों के पेच लड़ाने का सिलसिला दोपहर तक बढ़ गया।

इस बीच तिल से बने व्यंजनों का भी लोगों ने लुत्फ उठाया। आपरेशन सिंदूर से लेकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित अन्य राजनीतिक शख्सियतों की पतंगें भी लोगों ने उड़ाईं।

परकोटे में रहने वाले ज्यादातर लोग अपने रिश्तेदारों के संग पतंग उड़ाने पहुंचे। पतंग लूटने का भी लोगों ने पूरा मजा लिया। दोपहर बाद दो-तीन बार हवा ने रुख भी बदला, लेकिन गति में कमी नहीं आई।

आतिशबाजी से दिवाली सा नजारा

शाम को आमजन ने पतंगबाजी के बाद दिवाली की याद ताजा कर दी। छतों पर रंगीन रोशनी वाले पटाखों से आतिशबाजी की गई। शहरभर में लालटेन पतंगें, विशिंग लैम्प उड़ाए गए। पूरा शहर रोशनी के रंग में नहाया दिखा।

आतिशबाजी में नियाग्रा फॉल के जैसा नजारा के साथ रंगीन झरने बहें। आसमान में स्टार वार, हवाई मछलियां और क्रॉस वर्ड के नजारे के बीच अशर्फियां बरसी। बीच बीच में धूमकेतु जैसा नजारा दिखाई दिया।

देर रात तक आसमां रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जलमहल पर पतंग उड़ाकर पर्व का शुभारंभ किया, जिससे आयोजन को खास पहचान मिली।

करोड़ों का कारोबार

व्यापारियों के अनुसार, मकर संक्रांति पर पतंग और डोर का शहर में लगभग 20 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। जबकि गजक, तिल के लड्डुओं और कळपने के सामान का भी अच्छा व्यापार हुआ।