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जिम कॉर्बेट पार्क और नंधौर सें‍चुरी को विश्‍व धरोहर बनाने की कवायद

जिम कॉर्बेट पार्क और नंधौर सें‍चुरी को विश्‍व धरोहर बनाने की कवायदवन विभाग ने भेजा प्रस्तावजंगल सफारी के लिए विख्‍यात हैं दोनों अभ्‍ायारण्‍य पीएम के साथ बेयर ग्रिल्स कर चुके हैं यहां शूटिंग

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Feb 27, 2020

जिम कॉर्बेट पार्क और नंधौर सें‍चुरी को विश्‍व धरोहर बनाने की कवायद

जिम कॉर्बेट पार्क और नंधौर सें‍चुरी को विश्‍व धरोहर बनाने की कवायद

नंदा देवी पीक और फूलों की घाटी के बाद अब जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क व नंधौर सेंंचुरी को विश्‍व धरोहर बनने की राह पर अग्रसर है। वन संरक्षण डॉक्टर पराग मधुकर धकाते ने यूनेस्को की सूची में इन दोनों प्राकृतिक स्थलों को शामिल कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। वहीं वन मंत्री ने इसके लिए केंद्र सरकार में भी पुरजोर पैरवी करने की बात कही है।
आपको बता दें कि अभी तक उत्तराखंड में दो प्राकृतिक स्थलों फूलों की घाटी और नंदा देवी पीक को यूनेस्को ने अपनी सूची में शामिल किया है। विश्व विख्यात जिम कार्बेट नेशनल पार्क को इस सूची में शामिल कराने के लिए पूर्व में किसी ने भी प्रयास नहीं किया था। हाल ही में जिम कार्बेट के साथ ही नंधौर सेंचुरी को यूनेस्को की सूची में शामिल कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को भेजा गया है।

वैश्विक धरोहरों को सहेजता है यूनेस्‍को
आपको बता दें कि दुनियाभर की ऐतिहासिक धरोहर और प्राकृतिक स्‍थलों के संरक्षण के लिए संयुक्‍त राष्‍ट्र महासंघ की शाखा यूनेस्‍को काम करती है। इस संगठन में 193 सदस्य देश शामिल हैं। यूनेस्‍को समिति के सामने मान्यता के लिए प्रस्तावित धरोहरों की सूची में फिलहाल पश्चिम बंगाल का विष्णुपुर मंदिर और कोच्चि केरल का मट्टनचेरी पैलेस शामिल हैं।

पीएम कर चुके हैं शूटिंग
आपको बता दें कि वन्‍यजीवों के संरक्षण के लिए कुमाऊं मंडल के जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क और नंधौर सेंचुरी में जंगल सफारी के लिए हर वर्ष बड़ी तादात में पर्यटक पहुंचते हैं। यहां प्रकृति की खूबसूरती निहारने के साथ ही बाघ, हाथी, हिरन, भालू, समेत सैकड़ों रंग.बिरंगे पक्षियों समेत अन्‍य वन्‍य जीवों का दीदार किया जा सकता है। पर्यटकों के ठहरने के लिए यहां खूबसूरत रिसॉर्ट बने हुए हैं। देश.विदेश की गई जानीमानी हस्तियां भी कॉर्बेट पार्क में जंगल सफारी का लुत्‍फ उठा चुकी हैं। पीएम नरेन्‍द्र मोदी ने तो यहां पिछले साल ही डिस्‍कवरी के चर्चित चैनल मैन वर्सेज वाइल्‍ड की शूटिंग की थी।
स्वीडन की महारानी सिलविया, आस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री मैल्कम फ्रेजर तक यहां आ चुके हैं।

1936 में हुई थी पार्क की स्‍थापना
आपको बता दें कि 1936 में अंग्रेजों ने रामगंगा के अंचल को वन्य जीवों के संरक्षण के लिए हेली नेशनल पार्क की स्‍थापना की थी। आजादी के बाद पार्क का नाम बदलकर पहले रामगंगा नेशनल पार्क और बाद में प्रसिद्ध शिकारी और पर्यावरण प्रेमी जिम कॉर्बेट के नाम पर रख दिया गया। वैसे तो जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क को बंगाल टाइगर के संरक्षण के लिए जाना जाता है लेकिन इसके अलावा भी यहां पाए जाने वाले वन्‍यजीवों की संख्‍या सैकड़ों में है। पार्क में तेंदुआ, हाथी, भालू, हिरन, चीतल, सांभर, काकड़,नीलगाय घडिय़ाल, मगरमच्छ आदि वन्य जीव रहते हैं। 25 सरीसृप जीवों के अलावा करीब 500 से अधिक रंग.बिरंगे पक्षियों की प्रजातियों का कोलाहल यहां सुना जा सकता है।

नंधौर सेंचुरी
नंधौर सेंचुरी को 15 नवंबर से 15 जून तक पर्यटकों के लिए खोला जाता है। इस अभयारण्य में पर्यटक बाघ, हाथी, हिरण, चीतल, घुरड़, सांभर के साथ देसी.विदेशी पक्षी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। यहां पर्यटकों की सुविधा के लिए सेनापानी, दुर्गापीपल और जौलासार में वन विभाग के शानदार बंगले हैं। इन बंगलों में सभी आधुनिक सुविधाएं हैं। ऐसे में यहां आने वाले पर्यटकों को ठहरने की पूरी व्यवस्था है। नंधौर अभयारण्य आने वाले देसी और विदेशी पर्यटकों के लिए जंगल सफारी की अलग.अलग दरें हैं। वन विभाग को प्रति देशी पर्यटक से 100 रुपया पर्यटन शुल्क व 250 रुपया वाहन शुल्क मिलता है। प्रति विदेशी पर्यटक से 600 रुपया पर्यटन शुल्क व 500 रुपया वाहन शुल्क लिया जाता है।