
Rajasthan msme: निर्यातकों एवं उद्योगों को रुके हुए लाभ जल्द मिले
जयपुर। फैडरेशन ऑफ राजस्थान ट्रेड एण्ड इंडस्ट्री (फोर्टी) ने कहा कि कोविड के चलते वर्तमान समय में उद्योग एवं व्यापार की हालत बहुत खस्ता हो गई है व्यापार एवं उद्योग जगत वेंटीलेटर पर चल रहा है, जिसके चलते कई सूक्ष्म एवं मझले तबके के उद्योग धंधे पूर्ण रूप से चौपट हो गए है। ऐसी गंभीर स्थिति में फोर्टी द्वारा केंद्र सरकार को पत्र भेज कर इस और तुरंत ध्यान देने का आग्रह किया है।
फोर्टी के अध्यक्ष सुरेश अग्रवाल ने बताया की वर्तमान समय में दूसरे लॉकडाउन के दौरान जहां एएसआई डिपार्टमेंट ने अप्रेल एवं मई की रिटर्न फाइल करने की ड्यू डेट बढ़ाकर 15 जून तक कर दी थी, परन्तु पीएफ डिपार्टमेंट ने माह अप्रेल एवं मई के कंट्रीब्युशन जमा कराने एवं रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख को लॉकडाउन होने के बावजूद भी नही बढ़ाया गया है, जिससे चलते जहां एक तरफ उद्योगों एवं व्यापारियों को 12 प्रतिशत ब्याज एवं 5 प्रतिशत क्षती जमा करवानी पड़ रही है, वहीं दूसरी और यदि ड्यू डेट तक पीएफ का कंट्रीब्युशन एवं रिटर्न जमा नही करवाई जाती है तो व्यापारियों को प्रधानमंत्री प्रोत्साहन योजना का लाभ भी नही मिलता है। अत:व्यापारियों को दोहरी मार से बचाने के लिए केंद्र सरकार को तुरंत प्रभाव से अप्रेल एवं मई 2021 कि पीएफ की कंट्रीबुशन एवं रिटर्न एवं फाइलिंग की अंतिम तारीख को तुरंत प्रभाव से बढ़ाया जाना चाहिए।
फोर्टी के अतिरिक्त महामंत्री सीए अभिषेक शर्मा ने बताया की वर्तमान समय में निर्यातकों को बहुत सारी समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। जहां एक और निर्यातकों के आर्डर कैंसिल हो रहें है, वहीं उनको अन्तरराष्ट्रीय ग्राहकों से समय पर भुगतान नही मिल पा रहा हैं, वहीं दूसरी और केंद्र सरकार द्वारा निर्यातको को दी जा रही प्रोत्साहन स्कीम एवं एमईआईएस का वर्ष 2020-21 के लिए लाभ नही दिया जा रहा है, जिसका कारण बजट की कमी बताया गया है। फोर्टी मुख्य सचिव नरेश सिंघल ने बताया कि फोर्टी द्वारा केंद्र सरकार से यह आग्रह किया गया है की निर्यातकों के हितों की रक्षा करने के लिए तुरंत प्रभाव से एमईआईएस योजना का वर्ष 2020-21 का लाभ निर्यातकों को दिया जाए।
Published on:
21 Jun 2021 07:51 pm
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