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सुविधाएं मांगी, मिली गिरफ्तारी, जेडीसी गायब

मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे पृथ्वीराज नगर वासियों को फिर धोखा मिला.

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jda

ये कैसा न्याय...सुविधाएं मांगी, मिली गिरफ्तारी, जेडीसी गायब

पृथ्वी नगर के प्रतिनिधि मण्डल को वार्ता का लिखित में न्योता देने के बावजूद जेडीसी वैभव गालरिया जेडीए से निकल गए। इससे गुस्साए लोग जेडीसी के कमरे के बाहर ही धरने पर बैठ गए। इस बीच पृथ्वीराज नगर से बड़ी संख्या में लोगों के आने की आशंका से घबराए प्रशासन ने जेडीए के तीन में से दो गेट पर ताला जड़ दिया। करीब 4 घंटे तक डेरा जमाए रखने के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। सभी लोगों को गाड़ी में बैठाकर ले गए, जिन्हें बी—2 बायपास पर छोड़ा गया। इनमें महिलाएं भी शामिल है। इससे पृथ्वीराज नगरवासियों के सैकड़ों अन्य लोगों में रोष बढ़ गया है। इससे पहले जेडीए सचिव दीपक नंदी भी समझाइश कर निकल गए। जेडीए अधिकारियों ने दावा किया कि प्रतिनिधि मण्डल को जेडीसी के नहीं होने की सूचना पहले ही कर दी थी।

ये भूखे—प्यासे बैठे रहे, यहां नाश्ते का दौर
जेडीसी के कमरे के बाहर करीब पांच घंटे तक लोग भूखे—प्यासे बैठे रहे, लेकिन किसी का दिल नहीं पसीजा। इसी जगह से सटे कमरे में बैठकर प्रवर्तन शाखा के अधिकारी व पुलिस के अफसर नाश्ता करते रहे। पत्रिका ने इसका खुलासा किया तो सभी अफसर घबरा गए और मामला रफादफा करने की कोशिश करने में जुट गए।

राजनीति के शिकार...
पृथ्वीराज नगर का बड़ा इलाका विधायक व उद्योग मंत्री राजपाल सिंह शेखावत का विधानसभा क्षेत्र है। लोगों में उनके प्रति भी विरोध रहा। दो दिन पहले हुए जेडीए अथॉरिटी की बैठक से ठीक पहले भी पृथ्वीराज नगरवासियों ने भी शेखावत को ज्ञापन सौंपकर विरोध जताया। आशंका यह भी जताई जा रही है कि लोग राजनीति के शिकार तो नहीं हो गए।

जवाब मांगते सवाल..
—जब वार्ता का समय निर्धारित था तो फिर जेडीसी ने इसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया।
—यदि लोगों की समस्या से भी ज्यादा जरूरी काम था तो वार्ता की दूसरी तिथि व समय तय करके जा सकते थे।
—क्या उन जेडीसी पर राजनेता हावी हो गए, जिन्होंने कई नेताओं की नहीं सुनी।

मटका फोडा तो लिखित में दिया पत्र..
सड़क, सीवरेज, पेयजल, बिजली सहित अन्य मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने से गुस्साए लोगों ने 18 मई को जेडीए कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन किया था। इसके बाद प्रतिनिधि मण्डल को 24 मई को शाम चार बजे वार्ता करने का लिखित में बुलावा भेजा।

घबराए जेडीए ने देर रात 2 पेज का नोट किया जारी
चुनावी वर्ष में ऐसे माहौल से घबराए जेडीए ने देर रात दो पेज का नोट मीडिया के लिए जारी किया। इसमें पृथ्वीराज नगर में नियमन के पेटे आई राशि और उससे ज्यादा राशि विकास कार्य पर खर्च करने का लेखा—जोखा बताया गया। 352 करोड़ रुपए विकास शुल्क से मिले और 476 करोड़ रुपए की स्वीकृति जारी की गई।


—मुझे आवश्यक मीटिंग के लिए सचिवालय जाना पड़ा। इसलिए पहले ही प्रतिनिधि मण्डल को जानकारी दे गई थी कि बैठक नहीं हो पाएगी। आगे की तिथि उस समय नहीं बताई जा सकती थी। इसमें हमारी तरफ से किसी तरह की राजनीति नहीं है। उन्होंने बेवजह ऐसा माहौल बनाया है। —वैभव गालरिया, जेडीसी