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Fact Check : नीता अंबानी के नाम से फर्जी टिवटर अकाउंट, गलत पोस्ट शेयर

ट्विटर पर नीता अंबानी के अकाउंट से की गई पोस्ट, पीएम मोदी और अमित शाह के समर्थन में किए गए ट्वीट, पोस्ट को सोशल मीडिया पर किया जा रहा शेयर, सच - नीता अम्बानी का ट्विटर पर अकाउंट ही नहीं, वायरल होने के बाद ट्विटर ने फर्जी अकाउंट किया बैन, जानें इस वायरल पोस्ट की पूरी सच्चाई...

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Fact Check : नीता अंबानी के नाम से फर्जी टिवटर अकाउंट, गलत पोस्ट शेयर

Fact Check : नीता अंबानी के नाम से फर्जी टिवटर अकाउंट, गलत पोस्ट शेयर

जयपुर। सोशल मीडिया पर किसी फोटो और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वायरल किया जाता रहता है। वहीं किसी पुरानी फोटो और वीडियो को नया बताकर भी उसे शेयर किया जाता है। कई बार सच्चाई कोसों दूर होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग बिना सच जाने उसे वायरल करते रहते हैं। नागरिकता संशोधन विधेयक यानी सीएए और एनआरसी के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया में कथित रूप से नीता अम्बानी द्वारा किया गया ट्वीट का एक स्क्रीनशॉट प्रसारित किया जा रहा है। इन ट्वीट के अनुसार, रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने सांप्रदायिक ट्वीट के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के समर्थन में कुछ ट्वीट किए हैं।
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस वायरल मैसेज के पीछे का सच जाना।
नीता अंबानी के नाम से फर्जी अकाउंट से किए गए इन पोस्ट को करीब 4,700 बार शेयर किया गया है। जैसा कि देखा जा सकता है ट्वीट नीताअंबानी नामक अकाउंट से किया गया है। इनमें से कुछ ट्वीट भड़काऊ प्रकृति के है, जिसमें मुस्लिम समुदाय के खिलाफ नफरत दिखाई गई। वहीं फेसबुक पर जारी की गई पोस्ट में शामिल वीडियो के ऑडियो में एक व्यक्ति को रिलायंस जियो कस्टमर केयर सर्विस से फोन आता है। व्यक्ति नीता अम्बानी की ओर से किये गए ट्वीट को लेकर अपने नंबर की पोर्टेबिलिटी अन्य कम्पनी में करने के लिए कहते हैं। इस स्क्रीनशॉट को सोशल मीडिया में लोगों से रिलायंस जियो का बहिष्कार करने के अनुरोध के साथ साझा किया जा रहा है। इस ऑडियो क्लिप को यूट्यूब पर भी अपलोड किया गया है, जिसे अब तक 5,38,401 से ज़्यादा बार देखा जा चुका है।
इस कथित अकाउंट से साझा एक ट्वीट में लिखा गया था, "मित्रों अब वक्त आ चुका है मोदी और शाह के साथ खड़े होने का, क्योंकि आज अगर ये टूट गए तो फिर कोई हिम्मत नहीं करेगा बड़ा निर्णय लेने का।"
वहीं स्क्रीनशॉट को एक बंगाली संदेश के साथ भी साझा किया गया है, जिसे राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने गूगल से ट्रांसलेट किया जो इस प्रकार है - भाजपा सरकार की ओर से संविधान के खिलाफ जो एनआरसी और सीएए लाए हैं, उसका समर्थन नीता अंबानी ने किया, इसके लिए इसका बहिष्कार किया जाए...यह स्क्रीनशॉट ट्विटर पर भी प्रसारित है।
इन ट्वीट के आधार पर, कुछ लोगों ने रिलायंस के उत्पादों का बहिष्कार करने का अनुरोध किया है।

सच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस वायरल मैसेज के पीछे का सच जाना तो पता चला कि प्रसारित स्क्रीनशॉट में दिख रही ट्वीट नीता अम्बानी के अधिकृत अकाउंट से नहीं की गई है। वास्तव में नीता अम्बानी का ट्विटर पर कोई अकाउंट है ही नहीं। यह ट्वीट एक परोडी अकाउंट से की गई है। इस फर्जी अकाउंट के स्क्रीनशॉट को देखा जा सकता है। इस अकाउंट के तकरीबन 18,000 फॉलोवर्स थे। हालांकि इस अकाउंट को कई यूजर्स की ओर से रिपोर्ट किए जाने के बाद ट्विटर ने इसे बंद कर दिया है। यह ध्यान देने योग्य है कि नीता अंबानी ने अगर ऐसे कोई ट्वीट किए होते तो उसके बारे में मीडिया रिपोर्ट में खबर प्रकाशित की जाती। हालांकि, इसके बारे में कोई खबर नहीं छपी है।


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