
Fact Check: ऑस्ट्रेलिया लायरबर्ड का वीडियो गलत दावों के साथ वायरल
सोशल मीडिया पर किसी फोटो और वीडियो के साथ छेड़छाड़ कर उसे वायरल कर दिया जाता है। वहीं किसी पुरानी फोटो और वीडियो को नया बताकर भी उसे शेयर किया जाता रहता है। कई बार सच्चाई कोसों दूर होती है, लेकिन सोशल मीडिया पर लोग बिना सच जाने उसे वायरल करते रहते हैं।
सोशल मीडिया (Social Media) पर अक्सर कुछ ऐसी तस्वीरें और वीडियो हमारे सामने आते रहते हैं, जिन्हें देखकर हम अचरज में पड़ जाते हैं कि क्या यह सही है या गलत। कई बार तस्वीरें गलत होती हैं तो कई बार उनके साथ किया जा रहा दावा। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक चिडिय़ा को तरह-तरह की आवाजें निकालते देखा जा सकता है। वीडियो देखने में बहुत ही रोचक है, लेकिन इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि इस पक्षी का तमिल में नाम सुरगा है और इस वीडियो को बनाने में 62 दिन लगे और इसे 19 फोटोग्राफरों ने शूट किया। वीडियो के साथ ये भी दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो को बनाने में 25 हजार डॉलर की लागत लगी। वीडियो में ये भी कहा जा रहा है कि यह एक बहुत ही असामान्य पक्षी है।
राजस्थान पत्रिका (Rajasthan Patrika) की फैक्ट चैक टीम (Fact Check Team) ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि यह दावा गलत है। पोस्ट की पड़ताल में सच्चाई सामने आई कि यह वीडियो असल में ऑस्ट्रेलिया की लायरबर्ड का है, जो तरह-तरह की आवाजें निकालने के लिए मशहूर है। इस वीडियो को शूट करने वाले फोटोग्राफर ने कन्फर्म किया था कि इस वीडियो को उन्होंने कुछ ही मिनटों में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड चिडिय़ाघर में अकेले ही शूट किया था। वहीं जांच में पता चला कि यह वीडियो पहले भी गलत दावे के साथ वायरल हुआ था।
यह हो रहा वायरल
व्हाट्एसएप, फेसबुक और ट्विटर पर वायरल वीडियो में एक चिडिय़ा को तरह-तरह की आवाजें निकालते देखा जा सकता है। ये पक्षी अलार्म से लेकर कैमरा के शटर तक की आवाज निकाल रहा है। वीडियो देखने में बहुत ही रोचक है और इस वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि इस पक्षी का तमिल में नाम सुरगा है और इस वीडियो को बनाने में 62 दिन लगे और इसे 19 फोटोग्राफरों ने शूट किया। वीडियो के साथ ये भी दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो को बनाने में 25 हजार डॉलर की लागत लगी। इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर कई लोग शेयर कर रहे हैं।
जांच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने सोशल मीडिया पर इस वायरल वीडिया और इसके दावे की जांच शुरू की। इस वीडियो की जांच करने के लिए हमने सबसे पहले इस वीडियो को इनविड टूल पर डाला और इसके की-फे्रम्स निकाले। फिर हमने इन की-फे्रम्स को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। सबसे पहले एक न्यूज मिली, जिसकी हेडलाइन थी- 'एन एडेलाइड लायरबड्र्स इम्पे्रसिव मिमिक किंग स्किल हेव कैप्चर्ड द इंटरनेट अटेंशन'। इस खबर के अनुसार, यह वीडियो ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड चिडिय़ाघर में बनाया गया था और इसे ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले फोटोग्राफर फॉर फिंगर फोटोग्राफी ने बनाया था। वीडियो में दिख रहे पक्षी का नाम लायरबर्ड है। एक न्यूज में इस वीडियो को बनाने वाले फोटोग्राफर का नाम माइकलोस नेगी मिला। हमने माइकलोस नेगी से सोशल मीडिया पर संपर्क किया तो उन्होंने बताया कि यह वीडियो उन्होंने 2 साल पहले एडिलेड के एक चिडिय़ाघर में बनाया था, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया पेज पर भी शेयर किया था। इस वीडियो को उन्होंने अकेले ही कुछ ही मिनटों में शूट किया था। वीडियो को बनाने में 25 हजार डॉलर का खर्चा नहीं आया था।
सच
राजस्थान पत्रिका की फैक्ट चैक टीम ने इस दावे की जांच की तो पता चला कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा गलत है। यह वीडियो असल में ऑस्ट्रेलिया की लायरबर्ड का है, जो तरह-तरह की आवाजें निकालने के लिए मशहूर है। इस चिडिय़ा का कोई तमिल नाम नहीं है। इस वीडियो को शूट करने वाले फोटोग्राफर ने कन्फर्म किया कि इस वीडियो को उन्होंने कुछ ही मिनटों में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड चिडिय़ाघर में अकेले ही शूट किया था। सोशल मीडिया पर इसे गलत दावे के साथ शेयर किया गया है।
Updated on:
19 May 2020 10:39 pm
Published on:
19 May 2020 06:45 pm
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