जयपुर . प्रदेश में सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेज खोलने में राज्य सरकार को नए रास्ते तलाश करने पड़ रहे हैं। सातों कॉलेजों के लिए गठित राजस्थान मेडिकल एज्यूकेशन सोसायटी ने आदेश जारी कर इन कॉलेजों के लिए जिला अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को फैकल्टी बना दिया गया है। इसके लिए मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया एमसीआई की एक अधिसूचना का हवाला दिया गया है। जिसमे यह कहा गया है कि 300 पलंग क्षमता वाले जिला अस्पतालों में कार्यरत विषय विशेषज्ञों को उनके निर्धारित अनुभव के आधार पर फेकल्टी बनाया जा सकता है। लेकिन राजस्थान के लिहाज से यह सवाल खड़ा हो रहा है कि नए कॉलेजों में ऐसे विषय विशेषज्ञ अध्ययन कराएंगे, जिन्हें अध्यापन का अनुभव न के बराबर है। इन चिकित्सकों को उसी जिले में खुल रहे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नियुक्ति दी गई है। उनके पद नाम के सम्मुख पदनामित प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर भी लगा दिया गया है। फिलहाल ऐसे 49 डॉक्टरों की सूची जारी की गई है। ये चिकित्सक अभी तक चिकित्सा विभाग के अधीन थे। लेकिन अब इन्हें प्रतिनियुक्ति दी गई है।