
राजधानी में आधार कार्ड, पेन कार्ड बनवाने की फर्जी एजेंसी व ईमित्र की एजेंसी देने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरोह सितम्बर माह में 400 लोगों से करीब एक करोड़ रुपए की ठगी कर चुका। डीसीपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि ओटीएस निवासी सरगना प्रमोद कुमार मीणा, मुहाना निवासी अम्रितम कुमार सिंह, मूलत: झुंझुनूं हाल दुर्गापुरा स्थित शांति नगर कॉलोनी निवासी योगेश जांगिड़, मूलत: झुंझुनंू हाल मालवीय नगर स्थित राजपूत कॉलोनी निवासी शुभम सामरिया, मूलत: भरतपुर हाल महेश नगर स्थित महावीर नगर निवासी राहुल सिंह, मूलत: गंगापुरसिटी हाल सांगानेर स्थित रामपुरा रोड निवासी सौरभ शर्मा, मूलत: भरतपुर हाल रामपुरा रोड निवासी सीताराम जाट व मूलत: दौसा के रामगढ़ पचवारा हाल झालाना डूंगरी स्थित दयानंद नगर निवासी रोहित मुराडिया को गिरफ्तार किया है। मालवीय नगर एसीपी आदित्य पूनियां को गिरोह के संबंध में सूचना मिली। इसके बाद टीम ने गिरोह की जानकारी जुटाकर कार्रवाई की। आरोपी सरगना प्रमोद के पिता ओटीएस में कर्मचारी हैं। वह पिता के साथ ओटीएस में ही रह रहा है।
सरकार से अनुबंध नहीं…आवेदन लंबित रह जाते
एसीबी आदित्य पूनियां ने बताया कि मालवीय नगर स्थित एक बिल्डिंग की थर्ड फ्लोर पर आरोपी सरगना प्रमोद ने स्मार्ट डिजिटल सेवा केन्द्र नाम से कॉल सेंटर खोल रखा है। उन्होंने बताया कि एक अक्टूबर को आरोपी प्रमोद और उसके अन्य साथियों की ओर से जन सेवा केन्द्र की (आधार कार्ड, पेन कार्ड, बिजली, पानी, मोबाइल के बिल जमा करने सहित अन्य) सारी सेवा का केन्द्र (एजेंसी) खुलवाने के नाम पर लोगों से ठगी करने की सूचना मिली। इस पर दबिश दी गई और कॉले सेंटर पर मिले कम्प्यूटरों में उनसे एजेंसी लेने वाले 400 ग्राहकों की सूची मिली। ग्राहकों से संपर्क किया गया तो उनसे ठगी होने का पता चला। किसी ग्राहक को आधार व पेन कार्ड बनाने की एजेंसी तो किसी को सारी सुविधा (ईमित्र एजेंसी) उपलब्ध करवाने के नाम पर एक से तीन लाख रुपए तक वसूले गए थे। एजेंसी लेने वालों के यहां लोग अपना आधार व पेन कार्ड बनवाने आते थे, लेकिन साफ्टवेयर में आवेदन तो किया जाता, लेकिन सरकार से अनुबंध नहीं होने पर लोगों के आधार व पेन कार्ड बनकर नहीं आते और आवेदन लंबित ही दिखाता। सरगना ने मानसरोवर स्थित एक कंपनी से ठगी के लिए यह सॉफ्टवेयर बनवाया था।
एक दो माह में जगह बदलकर खोलते कॉल सेंटर
आदित्य पूनियां ने बताया कि पड़ताल में सामने आया कि आरोपी प्रमोद ने डेढ़ माह पहले ही यहां पर कॉल सेंटर खोला था। इससे पहले अपेक्स सर्कल पर कॉल सेंटर खोला। आरोपी एक स्थान पर एक से दो माह तक ही कॉल सेंटर खोलता और लोगों से ठगी करने के बाद जगह बदल लेता। आरोपी ने शहर के कई स्थानों पर कॉल सेंटर खोलकर ठगी की वारदात की है। इस संबंध में आरोपी से पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार सभी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
Updated on:
03 Oct 2024 10:05 pm
Published on:
03 Oct 2024 10:05 pm
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