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आलू के दाम में गिरावाट मात्र 6 रुपए किलो बिक रहा

राजस्थान के सिरोही जिले में चार दशकों से मंडार क्षेत्र नकदी फसलों के उत्पादन में अग्रणी रहा है। यहां की कृषि भूमि उपजाऊ, जलस्तर ठीक होने व जलवायु अनुकूल होने से नकदी फसलों की पैदावार होती है। इस बार आलू की बम्पर पैदावार होने से किसानों के चेहरे पर खुशी थी, लेकिन भाव सही नहीं मिलने से किसान मायूस हैं।

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राजस्थान के सिरोही जिले में चार दशकों से मंडार क्षेत्र नकदी फसलों के उत्पादन में अग्रणी रहा है। यहां की कृषि भूमि उपजाऊ, जलस्तर ठीक होने व जलवायु अनुकूल होने से नकदी फसलों की पैदावार होती है। इस बार आलू की बम्पर पैदावार होने से किसानों के चेहरे पर खुशी थी, लेकिन भाव सही नहीं मिलने से किसान मायूस हैं।

सिरोही जिले में कोल्ड स्टोरेज नहीं होने से आलू बेचने के लिए गुजरात जाना पड़ता है, लेकिन इस बार परिवहन खर्च भी नहीं निकल पा रहा है। इसलिए मजबूरी में 6 रुपए प्रति किलो भाव से आलू बिक रहे हैं। सामान्यत: 12 से 14 रुपए किलो का भाव मिलता है, लेकिन इस बार भाव कम होने से किसान परेशान हैं।

मंडार क्षेत्र में सबसे ज्यादा मूंगफली, टमाटर, अरंडी, सौंफ के साथ आलू की बम्पर पैदावार होती है। इस बार भी मौसम की अनुकूलता के अनुसार किसानों ने करीब ढाई से तीन हजार हैक्टेयर में आलू की बंपर बुवाई की थी। लगभग तीन माह में तैयार होने वाली आलू की फसल होली के पहले इस समय आलू की फसल पक कर तैयार हो जाती है।

एक भी कोल्ड स्टोरेज नहीं
दिसंबर में आलू के भाव 12 से 14 रुपए प्रति किलो चल रहे थे। आलू की बुवाई सबसे पहले 32 साल पूर्व गुजरात डीसा क्षेत्र से आए मछाराम माली रोयण वाला, दयाराम माली विसाखाड़ी वाला तथा रतनाराम सुंधेशा माली लक्ष्मीपुरा वाला ने बुवाई की शुरुआत की थी। कई बाद मुद्दा उठने के बाद भी मंडार क्षेत्र में एक भी आलू का कोल्ड स्टोरेज नहीं है। कोल्ड स्टोरेज नहीं होने से किसानों को आलू की फसल निकाल कर गुजरात की डीसा मंडी में लेकर जाना पड़ रहा है। जिससे किसानों को पैदावार ले जाने का परिवहन भी महंगा पड़ रहा है।

किसानों को उठाना पड़ रहा नुकसान

मंडी व्यवसायी मंडार निवासी मुकेश कुमार तथा रावता राम प्रजापति ने बताया कि बंपर बुवाई के बाद अच्छा उत्पादन तो हुआ है, लेकिन भाव छह रुपए प्रति किलो हैं। परिवहन तथा श्रमिकों के मजदूरी महंगी होने से किसानों को इस बार भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

श्रमिक भी मुश्किल से मिल रहे
किसान प्रकाश कुमार माली ने बताया कि उत्पादन तो अच्छा हुआ लेकिन भाव जमीन पर आ गए हैं। आलू निकलवाने के लिए श्रमिक गुजरात हनाद पोसीना क्षेत्र से लाना पड़ रहा है। प्रति श्रमिक तीन सौ रुपए मजदूरी है। श्रमिकों को चाय, भोजन के साथ घर जाते समय पांच किलो आलू भी फ्री दिया जाता है। जब जाकर श्रमिक आते हैं। दिनेश कुमार ने बताया कि मजदूरी अधिक होने से जेसीबी का उपयोग कर आलू को एकत्रित किया जा रहा है।


विभिन्न राज्यों में कोल्ड स्टोर की संख्या और क्षमता

राज्य-कोल्ड स्टोर की संख्या-क्षमता
राजस्थान-187-631569 एमटी
उत्तरप्रदेश-2437-14875987 एमटी
गुजरात-994-3888425 एमटी
हरियाणा-374-853329 एमटी
मध्यप्रदेश-309-1331532 एमटी

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