
जयपुर
हनुमानगढ़ के पीलीबंगा में नशे का कारोबार करने से इंकार करने पर पैडलर के परिवार और उसके परिवार को जिंदा जला दिया गया। इस मामले में पांच साल के बच्चे की जलने से दर्दनाक मौत हो चुकी है। उसकी मां और पिता गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को बापर्दा अरेस्ट किया है। दोनो पर हत्या समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज कराए गए हैं।
घटनाक्रम को गुरुवार सवेरे अंजाम दिया गया था। पुलिस ने कुछ ही घंटे में आरोप दबोच लिए। एसपी अजय सिंह ने बताया कि गुरुवार को हॉस्पिटल में भर्ती वार्ड नंबर 9 कस्बा पीलीबंगा निवासी जसवीर दास उर्फ मद्दी ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 1 साल पहले वह चिट्ठा और हेरोइन बेचने का काम करता था। पंजाब निवासी बाप बेटे को जिनका नाम वह नहीं जानता उन्हें कॉल कर अपने घर पर हेरोइन मंगवाता था। लेकिन कुछ समय के बाद उसने नशा बेचने से इंकार कर दिया और खुद का काम करने लगा। वह अपने परिवार को इज्जत का जीवन देना चाहता था जबकि नशे के कारोबारी उस पर नशा बेचने का दबाव बना रहे थे।
बुधवार दोपहर दोनों बाइक से उसकी गली में आए और किसी को हेरोइन की डिलीवरी देने लगे। उसने दोनों बाप बेटे को गली में चिट्ठा बेचने से मना किया तो देख लेने की धमकी देकर वहां से चले गए। रात के समय वह अपनी पत्नी और बच्चे के साथ कमरे में सो रहा था। गुरुवार सुबह करीब करीब पांच बजे उसके कमरे में आग लग गई। घटना में जले उसे व पत्नी को हनुमानगढ़ गवर्नमेंट हॉस्पिटल और गंभीर रूप से झुलसे बच्चे एकमजीत उर्फ एकमदास को बीकानेर रेफर किया गया।
पंजाब निवासी दोनों बाप बेटे ने कमरे के गेट नीचे से पेट्रोल डालकर आग लगा दी। पुलिस ने जानकारी जुटाकर पंजाब के अबोहर से आरोपी पिता बाज सिंह और उसके बेटे शारज सिंह को बापर्दा गिरफ्तार किया गया। उन्होनें बताया कि जगवीर सिंह से हेरोईन के रूपयों का विवाद था। वह पैसा नहीं लौटा रहा था, धमकियां दे रहा था। इसलिए उसके साथ ऐसा किया गया।
Published on:
20 Jan 2023 11:50 am
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