
इस फल की मिठास करवाएगी अच्छा मुनाफा
जयपुर
Grapes Farming : परम्परागत फसलों के साथ ही किसान सब्जी, फूल और फलों की खेती करके भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। किसान चाहें तो अंगूर की मिठास उन्हें अच्छा मुनाफा देकर इनकी आमदनी बढ़ा सकती है। अंगूर की खेती करके किसान एक एकड़ एरिया में होने वाली पैदावार से साल में तीन से चार लाख रुपए तक का मुनाफा कमा सकते हैं। जानकारों का कहना है कि अंगूर के बाग से एक एकड़ में हर साल 6 लाख से 7 लाख रुपए तक की कमाई हो सकती है। इसमें से अगर इस खेती पर होने वाली खर्च को निकाल दिया जाए तो भी अच्छा मुनाफा हो सकता है। हालांकि इस खेती के लिए मौसम अनुकूल होना बेहद जरूरी है। तभी अच्छी पैदावार प्राप्त की जा सकती है। आपको बता दें कि महाराष्ट्र के नासिक में बड़े पैमाने पर अंगूर की अच्छी खासी खेती होती है। किसान चाहें तो हरे के साथ ही काले रंग वाले अंगूर की खेती भी कर सकते हैं।
अंगूर की कुछ किस्म तो ऐसी हैं, जिनकी अच्छी क्वालिटी, मिठास के चलते देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अच्छी मांग बनी रहती है। इन किस्मों का निर्यात भारत से विदेशों में किया जाता है। किसानों को अंगूर की खेती शुरू करने से पहले उद्यानिकी विशेषज्ञ से अंगूर की खेती के लिए जरूरी इंतजामों के साथ ही बाग के रख रखाव का तरीका, मार्केटिंग समेत अन्य अहम जानकारियां कर लेनी चाहिए।
बाग में बाड़ लगाकर खेती
जानकारों का कहना है कि अंगूर की खेती के लिए बाग में बाड़ लगाना होता है। ऐसा करने पर अंगूर की अच्छी पैदावार हो सकती है। किसान चाहें तो लोहे के एंगल या लकड़ी के बांस पर यह जाल तैयार किया जा सकता है। बाड़ तैयार करने के बाद बाग में लाइन से अंगूर के पौधे लगाए जाने चाहिए। फिर ये पौधे ज्यादातर बांस या लोहे के एंगल के सहारे ही ऊपर चढ़कर तारों के जाल पर फैल जाते हैं। अंगूर की पौधों की साल में दो बार कटिंग करनी चाहिए। अंगूर की बाग में सामान्यतया 9 एक लाइन से दूसरी लाइन के बीच की दूरी 9 फीट तक रखी जाती है। जबकि एक पौधे से दूसरे पौधे के बीच की दूरी 5 फीट तक रखी जा सकती है।
इस किस्म की विदेशों में मांग
अंगूर की फसल साल में एक बार ही आती है। फसल तैयार होने में करीब 110 दिन का समय लगता है। एक एकड़ में करीब 1200-1300 किलो अंगूर की पैदावार सामान्यतया हो जाती है। राष्ट्रीय उद्यान विभाग के मुताबिक दुनिया के दस अंगूर उत्पादकों देशों में एक नाम भारत का भी आता है। अंगूर की खेती के लिए गर्म और शुष्क जलवायु की जरूरत होती है। ड्रिप इरीगेशन के जरिए बाग में सिंचाई कर पानी की बचत की जा सकती है। अंगूर की खेती के लिए 25 से 32-32 डिग्री तापमान चाहिए होता है। आपको बता दें कि अंगूर की थामसन किस्म की मांग विदेशों में बनी रहती है।
Published on:
09 Dec 2019 05:33 pm
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