
जयपुर. टमाटर की बंपर पैदावार ने किसानों को संकट में डाल दिया है। बाजार और मंडियोंं में टमाटर के खरीदार नहीं होने से फसल की लागत निकलना तो दूर तुड़वाई और बाजर ले जाने का किराया ही नहीं निकल पा रहा है। कर्जे के बोझ तले दबे किसान टमाटरों के तोड़कर गौशालाओं और स्कूलों में वितरित कर रहे हैं। फोटो : हर्षित जैन

बस्सी के आस-पास के ग्रामीण हर रोज हिंगौनिया गौशाला में हर आठ से दस ट्रोली टमाटर की लेकर आ रहे हैं। इन टमाटरों को गायों को खिलाया जा रहा है।

इसी तरह से कालवाड़ क्षेत्र में किसान दाम गिरने से टमाटरों को मंडी में ले जाने की बजाए आसपास की स्कूलों में ले जाकर बच्चों को बांट रहे हैं।

जयपुर फल-सब्जी थोक विके्रता संघ मुहाना टर्मिनल मार्केट के अध्यक्ष राहुल तंवर का कहना है कि पहली बार टमाटर के भाव इतने नीचे आए हैं, जिससे व्यापारी और किसान दोनों परेशान है। माल की लागत भी किसानों की नहीं निकल पा रही है।

मंडी में तीन से चार रुपए किलो टमाटर बिक रहा है। शहर के आसपास बस्सी, तूंगा, चौमूं सहित अन्य जगहों पर टमाटर की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार हुई है। जिसके चलते किसान टमाटर को गौशाला में भिजवाने के सहित ही सड़कों पर टमाटर को फेंक रहे हैं।