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गलती निरीक्षकों और B.ed, M.ed कॉलेज संचालकों की, भुगतेंगे विद्यार्थी

विश्वविद्यालय की ओर से नियुक्त किए गए निरीक्षकों ने निरीक्षण रिपोर्ट विश्वविद्यालय को पेश नहीं की तो उनके विद्यार्थियों को परीक्षा देने से रोकेगा RU

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जयपुर

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Rajesh

Nov 15, 2017

Fault of Inspectors and B.ed M.ed college Operators but student will suffer for this

राजस्थान विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त बीएड व एमड महाविद्यालयों के संचालकों की गलती इन महाविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थी भुगतेंगे। यहीं नहीं इन महाविद्यालयों के लिए नियुक्त किए गए निरीक्षक भी अगर महाविद्यालय के निरीक्षण रिपोर्ट पेश नहीं करेंगे तो भी निरीक्षकों पर कार्रवाई करने के बजाय इन टीचर ट्रेनिंग कॉलेज में पढ़ रहे विद्यार्थियों पर ही कार्रवाई की जाएगी। वह भी एेसी वैसी कोई कार्रवाई नहीं बल्कि इन बीएड व एमड महाविद्यालयों में पढ़ रहे अभ्यर्थियों को परीक्षा में बैठने से ही रोक दिया जाएगा। वह भी एेसे में जब इन विद्यार्थियों की कोई गलती ही नहीं है। लेकिन विश्वविद्यालय के फरमान के अनुसार तो एेसा ही होगा जिसमें अगर संचालक और विश्वविद्यालय की ओर से नियुक्त किए गए निरीक्षकों ने निरीक्षण रिपोर्ट विश्वविद्यालय को पेश नहीं की तो इसकी सजा इनमें पढ़ रहे विद्यार्थी अपना साल खराब कर भुगतेंगे।


यह है मामला -

दरअसल राजस्थान विश्वविद्यालय ने दौसा और जयपुर के एेसे बीएड एमएड कॉलेज जो आरयू के अंडर में आते है उनके पाठयक्रम के निरीक्षण के लिए निरीक्षक नियुक्त किए गए है। इन निरीक्षकों से कॉलेज के पाठयक्रम का निरीक्षण करवाकर कॉलेज के संचालकों को विश्वविद्यालय को निरीक्षण रिपोर्ट पेश करनी थी। लेकिन मई में ही निरीक्षकों की नियुक्ति होने के पांच माह बाद भी कार्यवाही रिपोर्ट जमा ही नहीं करवाई गई। वह भी एेसे में जब 30 अक्टूबर रिपोर्ट पेश करने की अंतिम तिथि थी। लेकिन विश्वविद्यालय ने निश्चित समय निकल जाने के बाद भी निरीक्षकों और कॉलेज संचालकों पर कोई कार्रवाई नहीं की। बल्कि इनको मोहलत देते हुए 15 दिसम्बर तक निरीक्षण रिपोर्ट पेश करने का समय दे दिया। इसके साथ ही फरमान जारी कर दिया है कि कोई भी कॉलेज संचालक अगर निर्धारित तिथि तक निरीक्षकों से रिपोर्ट बनवाकर पेश नहीं करेंगे तो इन महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को परीक्षा में सम्मिलित करना संभव नहीं होगा। एेसे में अब सवाल उठने लगे है कि निरीक्षक और कॉलेज संचालकों की लापरवाही की सजा विद्यार्थियों को क्यों दी जाएगी।

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