
जेडीसी ने बुधवार को निगम आयुक्त को अधिकारिक पत्र भी भेज दिया है। इस राशि से एरियल हाइड्रोलिक लैडर सहित अन्य अग्निशमन संसाधन खरीदी जाएगी। बताया जा रहा है कि निगम आयुक्त रवि जैन के लगातार पत्राचार और फिर सरकार स्तर पर दखल के बाद जेडीए ने वर्षों बाद यह राशि भेजने का पत्र भेजा है। हालांकि, बाकी राशि के लिए सरकार स्तर पर बातचीत करने का तर्क दिया गया है। जेडीए की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है।
हादसे के बाद चेता जेडीए..
विद्याधर नगर में आगजनी के दर्दनाक हादसे ने सभी को झकझोर दिया। मामला ने इतना तूल पकड़ा कि नगरीय विकास मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने महापौर और आयुक्त से बात की। इस बीच जेडीए को फायर सेस की राशि नगर निगम को सौंपने के आदेश देने की बात भी स्वीकारी। इसके बाद जेडीए प्रशासन की भी आंख खुल गई। जबकि, निगम ने इस मामले में कई बार पत्र लिखे। यहां तक की यूडीएच मंत्री ने भी निर्देश दिए लेकिन उसके असर नहीं पड़ा। अब बात बिगड़ने के डर से राशि हस्तांतरित की जा रही है।
बिल्डरों से लेता रहा राशि...
नगर निगम ने पिछले दिनों ही जेडीए से फायर सेस की मोटी रकम मांगी। इसमें करीब 60 करोड़ रुपए बताए जा रहे हैं, जो बहुमंजिला मंजिला इमारतों के नक्शे स्वीकृत करने के दौरान जमा किए गए।
यह संसाधन खरीदेगा निगम..
—एक एरियल हाइड्रोलिक लेडर जो करीब 4—5 करोड़ रुपए की आएगी। इससे 70 मीटर उंची इमारत तक आग बुझाई जा सकती है। अभी निगम के पास अधिकतम 42 मीटर उची होइड्रोलिक लेडर है। करीब 15 मंजिल तक ही इसकी पहुंच है।
—फोम टेंडर
—अत्याधुनिक रेस्क्यू टेंडर (आपताकाल में कटिंग, ब्रेकिंग जैसे बड़े टूल्स)
—अग्निमशन मोटरबाइक जिसमें एक हजार लीटर का वाटर टैंक हो
—क्वीक रेसपोंस वाहन
—जेडीए फायर सेस के 10 करोड़ रुपए ट्रांसफर करेगा। बाकी राशि के लिए सरकार स्तर पर बातचीत करने के लिए कहा है। इस राशि से जल्द ही एरियल हाइड्रोलिक लैडर सहित अग्निशमन के अन्य संसाधन खरीदे जाएंगे। — रवि जैन, आयुक्त, नगर निगम
Published on:
17 Jan 2018 11:25 pm
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