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राजस्थान में पहली बार होगी GOLD MINES की नीलामी, गहलोत सरकार के होंगे वारे-न्यारे!

Rajasthan First GOLD Mines : प्रदेश में खनिजों के एक्सप्लोरेशन और माइंस की ई-नीलामी पर जोर दिया गया है, विपुल खनिज संपदा को देखते हुए विभाग को खनिज ब्लॉकों की ई नीलामी पर जोर दिया है ताकि राजस्व में बढ़ोतरी, रोजगार के अधिक अवसर के साथ ही अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके।  

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First Gold Mines Auction to be done in Rajasthan Banswara

जयपुर।

राज्य की पहली सोने की खान की नीलामी होने जा रही है। बांसवाड़ा के भूखिया जगपुरा क्षेत्र में स्वर्ण के विपुल भण्डार मिले हैं, जिसके बाद अब यहां माइंस नीलामी की तैयारियां शुरू हो गई हैं। जानकारी के अनुसार इस क्षेत्र में 1 लाख 34 हज़ार 178 करोड़ रुपए के स्वर्ण भण्डार और 7 हज़ार 720 करोड़ के तांबे के संभावित भण्डार हैं। स्वर्ण के साथ ही तांबा, कोबाल्ट और निकल के भण्डार मिलने से भी सरकार को राजस्व और रोजगार बढ़ोतरी की भी संभावना है।

एक्सप्लोरेशन और ई-नीलामी पर जोर : मंत्री भाया
खान, पेट्रोलियम व गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बताया कि माइंस विभाग द्वारा योजनाबद्ध तरीके से प्रदेश में खनिजों के एक्सप्लोरेशन और माइंस की ई-नीलामी पर जोर दिया गया है, जिसके लगातार सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में विपुल खनिज संपदा को देखते हुए विभाग को खनिज ब्लॉकों की ई नीलामी पर जोर दिया है ताकि राजस्व में बढ़ोतरी, रोजगार के अधिक अवसर के साथ ही अवैध खनन पर रोक लगाई जा सके।

... और हाईकोर्ट से मिली हरी झंडी

अतिरिक्त मुख्य सचिव माइंस, पेट्रोलियम एवं उद्योग वीनू गुप्ता ने बताया कि उच्च न्यायालय में राज्य सरकार द्वारा प्रभावी तरीके से राज्य का पक्ष रखने का परिणाम रहा है कि प्रतिपक्ष के आवेदन को खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि इससे राज्य की पहली स्वर्ण खान की नीलामी हो सकेगी।

सभी औपचारिकताएं हुई पूरी

एसीएस माइंस वीनू गुप्ता ने बताया कि बांसवाड़ा के भूखिया जगपुरा में सोने की खान की नीलामी के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जा रही है। एक मोटे अनुमान के अनुसार स्वर्ण, तांबा और कोबाल्ट व निकल के डिपोजिट है। अनुमान के अनुसार यहां 134178 करोड़ रुपये के स्वर्ण भण्डार और 7720 करोड़ के तांबे के भण्डार संभावित है।

ड्रिलिंग के बाद मिले स्वर्ण भंडार
निदेशक माइंस संदेश नायक ने बताया कि बांसवाड़ा के घाटोल तहसील के भूखिया जगपुरा में भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग द्वारा 1990-91 में किए गए एक्सप्लोरेशन के दौरान स्वर्ण के संकेत मिलने पर 69.658 वर्ग किलोमीटर के तीन ब्लॉक एक्सप्लोरेशन के लिए आरक्षित किए गए थे। इस क्षेत्र में एक्सप्लोरेशन के दौरान 15 ब्लॉकों में 171 बोर होल्स में 46037.17 मीटर ड्रिलिंग करने पर स्वर्ण भण्डार पाये गये।

नायक ने बताया कि उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण के निस्तारण के साथ ही विभाग ने ऑक्शन की आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करना आरंभ कर दिया है। स्वर्ण माइंस के ऑक्शन से जहां प्रदेश का स्वर्ण माइनिंग में पहचान होगी वहीं राज्य सरकार को करोड़ो रुपए के राजस्व के साथ ही रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

ये हैं ख़ास बातें--

- बांसवाड़ा के भूखिया जगपुरा में एक्सप्लोरशन
- 14 ब्लॉकों में 1.945 ग्राम/टन के लगभग 114.76 मिलियन टन सोने के भण्डार का अनुमान
- 223.63 टन स्वर्ण धातु मिलने की संभावना
- स्वर्ण के साथ 0.15 प्रतिशत मय ताम्र धातु का लगभग 154401 टन डिपोजिट मिलने का अनुमान
- 13 हज़ार 739 टन कोबाल्ट धातु मिलने के भी संकेत
- 11 हज़ार 146 टन निकल धातु के डिपोजिट मिलने के भी संकेत