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पहले तो किडनी ने छोड़ा सा​थ अब बुढ़ापे का आखिरी सहारा भी बीच राह दे गया धोखा

चिंताओं से घिरे हुए गांव खादरा क्षेत्र की ढाणी भादरा वाली डूंगरी क्षेत्र के एक परिवार को चार वर्ष पहले राजस्थान पत्रिका के सहारे खुशियां मिली।

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Rajasthan Sikar Sad News: पहले तो किडनी ने छोड़ा सा​थ अब बुढ़ापे का आखिरी सहारा भी बीच राह दे गया धोखा

1.विलाप करती मृतक की बहनें 2.मृतक विक्रम सैनी 3.दिव्यांग भाई

जयपुर/गणेश्वर. चिंताओं से घिरे हुए गांव खादरा क्षेत्र की ढाणी भादरा वाली डूंगरी क्षेत्र के एक परिवार को चार वर्ष पहले राजस्थान पत्रिका के सहारे खुशियां मिली। ‘कैसे रहे सुहाग सलामत,गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए पैसे नहीं’ शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद सर्वसमाज के लोगों ने गीता देवी को सहारा दिया। उसके पति बालूराम सैनी को गीता देवी ने अपनी किडनी दी।

इस परिवार पर एक बार फिर दुखों का पहाड़ टूट गया। 16 अप्रेल 2023 की शाम को गीता देवी के बुढ़ापे का सहारा छीन गया। उसका 19 वर्षीय बेटे विक्रम सैनी की ट्रैक्टर ट्रॅाली की टक्कर से मौत हो गई। वह बाजार से पैदल घर लौट रहा था। इस दौरान ट्रैक्टर ट्राली ने टक्कर मार दी। परिजन बेटे को लेक जिला अस्पताल पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद घायल को जयपुर रैफर कर दिया। बीच रास्ते में चोमू के पास विक्रम ने दम तोड़ दिया। परिजन रात 11 बजे शव को जिला अस्पताल नीमकाथाना लेकर पहुंचे। सोमवार सुबह पोस्मार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया दिया। सदर थाना हेड कांस्टेबल भरम प्रकाश ने बताया की परिजनों ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। मामले की जांच की जा रही हैं।

युवक के माता-पिता एक-एक किडनी पर जीवित:
गांव खादरा क्षेत्र व गावड़ी क्षेत्र के सैकड़ो लोगों ने बताया कि परिवार गरीब है। अब इस परिवार का कोई तारणहार नहीं है। बालूराम सैनी व उसकी पत्नी एक-एक किडनी पर जीवन बिता रहे हैं। मृतक विक्रम ने हाल ही में 12 वीं की परीक्षा दी थी और वह सुबह-शाम सब्जी बेचकर परिवार चला रहा था। माता पिता भी मरेगा मजदूरी करते थे। गीता देवी की दो बेटी सुमन 10 वीं, ममता 11वीं कक्षा में पढ़ती है। बड़ा बेटा विकलांग असहाय हैं, जो हर समय खटिया पर लेटा रहता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गरीब परिवार को मदद देने की मांग उठाई है।

मुख्यमंत्री से गुहार लगाने के बाद हुआ था गुर्दे का प्रत्यारोपण:
चार साल पहले इस परिवार को लक्ष्मणगढ़ से सैनी समाज ने 75 हजार रुपए की मदद की थी। परिजन गीता देवी व उसके पति बालूराम को गुर्दा प्रत्यारोपण के लिए जयपुर अस्पताल लेकर गए। डॉक्टरों ने अभी इंतजार करो कहकर घर वापस भेज दिया। जब परिजनों ने लक्ष्मणगढ़ के सैनी समाज को मामले से अवगत करवाया उन्होंने मुख्यमंत्री से शीघ्र ऑपरेशन करवाने की गुहार लगाई। जयपुर अस्पताल के डॉक्टरों ने गीता देवी व उसके पति को तुरंत जयपुर बुलाया व शीघ्र सफल ऑपरेशन किया। अब पति-पत्नी के लिए हर महीने आने वाली दवा पानी के लिए मोहताज हो गया है।


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