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पुनर्गठन के बाद मंत्रिपरिषद की पहली बैठक 24 नवंबर को , मिशन 2023 पर रहेगा फोकस

संसदीय सचिवों की नियुक्ति के प्रस्ताव पर भी मंत्रिपरिषद की बैठक में लगेगी मुहर

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ashok gehlot

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जयपुर। मंत्रिमंडल के पनर्गठन के बाद अब मंत्रिपरिषद की पहली बैठक 24 नवंबर बुधवार शाम 4 बजे सीएम आवास पर बुलाई गई है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में कैबिनेट और मंत्रिपरिषद के सदस्य एक साथ शामिल होंगे। बताया जाता है कि मिशन 2023 को लेकर बैठक में चर्चा होगी कि 2 साल के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी फिर से सत्ता में लौटे।

इसके लिए अब पूरी शिद्दत के साथ जनता के बीच रहकर काम करना है। मंत्रिपरिषद की बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ गांव और ढाणियों में अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी मिल सके, साथ ही प्रशासन गांवों के संग और शहरों के संग अभियान और गति देने पर भी बैठक में चर्चा होगी।

अब ज्यादा वक्त जनता के बीच बिताएंगे मंत्री
सूत्रों की माने तो बैठक में इस बात पर भी चर्चा होनी है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सरकार के मंत्री ज्यादा से ज्यादा समस्त जनता के बीच बिताएं और उनकी समस्याओं का समाधान करने का काम करें। साथ ही अपने-अपने विभागों की उपलब्धियों को भी जनता के बीच लेकर जाएं जिससे जनता को अपने कामकाज के लिए भटकना नहीं पड़े।

संसदीय सचिवों का प्रस्ताव भी आएगा बैठक में
वहीं प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा संसदीय सचिव बनाए जाने का प्रस्ताव भी मंत्रिपरिषद की बैठक में लाया जाएगा। संसदीय सचिवों के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद की बैठक में मुहर लगने के बाद माना जा रहा है कि एक या 2 दिन में संसदीय सचिव बनाए जा सकते हैं। गौरतलब है कि 21 नवंबर को ही मंत्रिमंडल पुनर्गठन का किया गया था। ऐसा पहली बार हुआ है कि मंत्रिमंडल में सभी 30 पद भरे गए हैं।