मथुरादास माथुर अस्पताल के कार्डियक थोरेसिक विभाग ने डॉक्टरों ने एक गर्भवती की ओपन हार्ट सर्जरी की। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि पश्चिमी राजस्थान की पहली किसी गर्भवती की ओपन हार्ट सर्जरी हुई है। ऑपरेशन के बाद गर्भवती व उसका गर्भस्थ शिशु स्वस्थ हैं। कार्डियक थोरेसिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष बलारा ने बताया कि 22 वर्षीय महिला गत तीन माह से सांस फूलने तथा छाती में दर्द से परेशान थी।
मथुरादास माथुर अस्पताल के कार्डियक थोरेसिक विभाग ने डॉक्टरों ने एक गर्भवती की ओपन हार्ट सर्जरी की। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि पश्चिमी राजस्थान की पहली किसी गर्भवती की ओपन हार्ट सर्जरी हुई है। ऑपरेशन के बाद गर्भवती व उसका गर्भस्थ शिशु स्वस्थ हैं। कार्डियक थोरेसिक सर्जरी के विभागाध्यक्ष डॉ. सुभाष बलारा ने बताया कि 22 वर्षीय महिला गत तीन माह से सांस फूलने तथा छाती में दर्द से परेशान थी।
महिला पांच महीने से गर्भवती है और इसी दौरान इसको सांस की तकलीफ बढऩे लगी। मरीज के हृदय के दो वॉल्व खराब हैं। माइटरल वॉल्व तथा टाईकसपिड वॉल्व में लीकेज और सिकुड़न है। मरीज को गंभीर अवस्था भर्ती किया गया। ऑपरेशन बाइपास मशीन पर किया गया, जिसमें माइटरल वॉल्व को मैकेनिकल वॉल्व से रिप्लेस किया गया। ट्राईकस्पेड वॉल्व को फ्लैक्सिबल रिंग से रिपेयर किया गया।
ऐसे केसेज में गर्भवती के बचने के चांसेज कम रहते हैं लेकिन दोनों स्वस्थ
डॉ. अभिनव सिंह ने बताया कि विश्वभर में ऐसे ऑपरेशन में मरीज तथा उसके गर्भस्थ बच्चे के बचने के काफी कम केसेज रिपोर्टेड हैं। भारत में हार्ट के वॉल्व के खराब होने का मुख्य कारण रूमेटिक हार्ट डिजीज है। प्रेग्नेंसी में यह बीमारी दो से चार गुना ज्यादा जानलेवा है।
ऑपरेशन टीम में सहयोग
डॉ. अभिनवसिंह, डॉ. राकेश करनावत, डॉ शिखा सोनी, डॉ. खुशबू,डॉ. ललिता, डॉ. ज्योति, डॉ. संजय, परफ्यूशनिस्ट माधव सिंह, ईसीजी टेक्निशियन नंदकिशोर, ओटी स्टाफ आसिफ इकबाल, मोनिका, रेखा राम, बाबूलाल, ओटी इंचार्ज दिनेश गोस्वामी आईसीयू स्टाफ अलका माइकल, सीमा,मोनिका, आईसीयू इंचार्ज बसंत जांगिड़, डॉ. अभिषेक, डॉ. सुखदेव तथा डॉ हेमा राम।