
Folk singer Roshan Khan Manganiyar was seen in 'Chaturang'
Roshan Khan Manganiyar:
राजस्थान फोरम की ऑनलाइन श्रंखला ‘चतुरंग’ की चौथी कड़ी में इस बार बाड़मेर के लोक गायक रोशन खान मांगणियार संगीत प्रेमियो से रूबरू हुए। रोशन खान पद्मश्री अनवार खान मांगणियार के पुत्र और शिष्य हैं और अपनी गायकी से पूरे संगीत जगत में पहचाने जाते हैं। उन्होंने इस मौके पर अपनी संगीत साधना के अब तक के सफर की जानकारी देते हुए लोक भजन, लोक गीत और सूफी गीत सुनाकर अपनी सांगीतिक प्रतिभा से ऑनलाइन कार्यक्रम देख रहे लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने इस मौके पर अपने साथियों के साथ मिलकर मीरा का लोक भजन राधा रानी दे डारो नी बंसी हमारी, ़ऋतु गीत झिर झिर बरसे मेह और मांगणिहार समुदाय में विशेष रूप से गाए जाने वाले लोक गीत पायल गेरी बाजे सहित अनेक सूफी गीत भी पेश किए। उनके साथ खड़ताल पर जैसा खान और ढोलक पर रहीस खान ने संगत की। इस से पूर्व कार्यक्रम की शुरूआत में राजस्थान फोरम के अध्यक्ष एवं जाने-माने मोहन वीणा वादक पद्मभूषण पं. विश्व मोहन भट्ट ने ऑनलाइन आकर रोशन खान का परिचय दिया और ऑनलाइन कार्यक्रम सुनने आए सभी लोगों का अभिवादन भी किया।
लोकगीत में पारंगत रोशन
पश्चिमी राजस्थान का थार मरुस्थल में जहां प्यासे कांटो को पानी भले ही नहीं मिले लेकिन लोकगीत के कर्णप्रिय स्वर्ग लहरिया जोरो में सर्वत्र मिलते हैं, वही राजस्थान की लोक गीत की कला के क्षेत्र में प्रदत अप्रतिम सेवाएं उपलब्धियां एवं मूल स्थान अर्जित करने वाले अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार रोशन खान मांगणियार का जन्म जैसलमेर में हुआ। रोशन को लगभग 150 से ज्यादा लोग गीत कंठस्थ हैं। यह लोक गायक के साथ-साथ हारमोनियम और खड़ताल वादक भी हैं। इन्होंने राजस्थानी लोकगीत लूणानगर, रत्नों राणो, मूमल, कुरजां, घूमर, हिचकी आदि गायन के साथ ही में मीरा, सूर कबीर, आदि के लोक भजन भी गाए हैं। इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकगीत के माध्यम से एवं सांस्कृतिक दूध का कार्य कर राजस्थान की लोक कला एवं लोक संस्कृति का शानदार प्रदर्शन किया है।
Published on:
11 Dec 2021 05:30 pm
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