
फूड पैकेट वितरण अटका, तीन बार बनी टेंडर शर्तें भी नहीं आई पसंद
ओमप्रकाश शर्मा
जयपुर. मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना के तहत फूड पैकेट वितरण तय समय पर शुरू नहीं हो सका। खाद्य विभाग के बजाय यह जिम्मा सहकारी विभाग को दिया गया था। अब इस योजना ने विभाग में खींचतान शुरू कर दी है। वितरण कॉनफेड के माध्यम से होना है। तेरह सदस्यीय कमेटी ने तीन बार टेंडर प्रक्रिया तय की, लेकिन शीर्ष स्तर पर इसे अभी तक मंजूर नहीं किया गया। इस बीच एक माह से भी लंबी छुट्टियों से सोमवार को ही लौटे काॅनफेड (राजस्थान राज्य सहकारी उपभोक्ता संघ लि.) के एमडी दिनेश कुमार शर्मा को सरकार ने एपीओ कर दिया है।
योजना के लिए सरकार चयनित 1 करोड़ पांच लाख लाभार्थियों का महंगाई राहत शिविरों में रजिस्ट्रेशन कर रही है। सरकार ने 25 मई से वितरण की घोषणा की थी। हालांकि टेंडर प्रक्रिया तय नहीं होने से फूड पैकेट का वितरण तो दूर इनकी खरीद ही नहीं हो सकी। टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के लिए विभाग स्तर पर 13 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी आरटीपीपी एक्ट के मध्यनजर एक-एक कर तीन बार प्रक्रिया की रूपरेखा बना चुकी है। हालांकि उच्च स्तर से अनुमोदन नहीं होने से इसे अंतिम रूप दिया जाना बाकी है। इसमें वित्त व सरकार स्तर से भी कई सुझाव दिए गए हैं।
जिम्मा मिलते ही एमडी छुट्टी पर
खाद्य सुरक्षा योजना के तहत गेहूं वितरण खाद्य विभाग के पास है। इन्हीं चयनित परिवारों को फूड पैकेट वितरण किया जाना है। हालांकि फूड पैकेट वितरण का जिम्मा इस विभाग को नहीं दिया गया। यह काम कॉनफेड को दिया गया। काॅनफेड काम शुरू करता उसके साथ ही एमडी दिनेश कुमार छुट्टी पर चले गए। उन्होंने छुट्टी का चिकित्सकीय कारण बताया। वे करीब एक माह से अधिक की छुट्टी से सोमवार को ही लौटे थे। उनके कार्यभार संभालने के कुछ ही देर बाद सरकार ने एपीओ करने के आदेश जारी कर दिए।
यह मिलेगा पैकेट में
एक किलो सोयाबीन तेल, एक किलो नमक, एक किलो चीनी, एक किलो दाल, सौ ग्राम मिर्च पाउडर, सौ ग्राम धनिया तथा पचास ग्राम हल्दी पाउडर
Published on:
30 May 2023 12:17 pm
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