जयपुर। कार्तिक शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर आज कार्तिक मास का समापन होगा। इस माह के अंतिम स्नान के लिए सुबह से श्रद्धालु गलता तीर्थ में डुबकी लगाने पहुंचे। साथ ही बसंत ऋतु तक के लिए ठाकुर जी की नित्य सेवा में परिवर्तन होगा। गायों को चारा खिलाने के साथ ही दिनभर दान-पुण्य का दौर चलेगा। वहीं, शाम को मंदिरों में दीपदान होगा।
बंशीधर पंचांग के निर्माता पं.दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि पूर्णिमा पर बड़े चंद्रमा के दर्शन होंगे। इस दिन कृतिका नक्षत्र में परिधि योग होने से इसका महत्व और बढ़ गया है। वहीं, कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है व इस दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व है। रात में चंद्रमा के उदय के समय छह कृतिकाओं का पूजन करने से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की विशेष कृपा मिलेगी। वहीं, शाम 4.41 बजे से अगले दिन सूर्योदय तक कुमार योग भी रहेगा।
उधर, गोविंददेवजी मंदिर सहित अन्य मंदिरों में रास पूर्णिमा उत्सव मनाया जाएगा। यहां शाम को दीपदान के बाद रात 8 से 8.15 बजे तक विशेष झांकी सजेगी।