
Mahesh Joshi and Ashok Gehlot - File PIC
Rajasthan Politics: 900 करोड़ रुपये के जल जीवन मिशन (JJM) घोटाले में आरोपी और पूर्व मंत्री महेश जोशी को 8 से 10 मई तक तीन दिन की अंतरिम जमानत मिली है। यह राहत उन्हें पत्नी के निधन के बाद के अंतिम रीति-रिवाजों को निभाने के लिए दी गई है। ईडी मामलों की विशेष अदालत के न्यायाधीश खगेन्द्र कुमार शर्मा ने शुक्रवार को यह आदेश सुनाया। जोशी को अब 11 मई सुबह 8 बजे तक दोबारा सरेंडर करना होगा।
इससे पहले महेश जोशी को 28 अप्रैल को उनकी पत्नी के निधन के चलते चार दिन की अंतरिम जमानत मिली थी। वह गुरुवार को जमानत अवधि पूरी होने पर जयपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर चुके हैं और 2 मई से 7 मई तक जेल में रहेंगे। इसके बाद उन्हें तीन दिन की अंतरिम राहत मिलेगी।
महेश जोशी के वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक चौहान ने कोर्ट में 9 दिन की अंतरिम जमानत की मांग करते हुए कहा था कि जोशी को पत्नी की 13वीं और अन्य धार्मिक रीति-रिवाजों के लिए घर पर मौजूद रहना जरूरी है। इस दौरान बड़ी संख्या में रिश्तेदार और परिचित घर पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी उपस्थिति आवश्यक है। हालांकि कोर्ट ने तीन दिन की राहत ही स्वीकृत की और 11 मई को दोबारा सरेंडर करने का आदेश दिया।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने महेश जोशी को 24 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ और रिमांड के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इससे पहले भी उन्हें पत्नी के निधन पर 4 दिन की अंतरिम जमानत दी गई थी। अब यह दूसरी बार है जब कोर्ट ने मानवीय आधार पर उन्हें अंतरिम राहत दी है।
गौरतलब है कि 'जल जीवन मिशन' केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य हर घर तक नल के जरिए स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। इस योजना में करीब 900 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप है। इस मामले में अब तक महेश जोशी, पीयूष जैन, पदम चंद जैन, महेश मित्तल और संजय बड़ाया जैसे कई लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
Updated on:
2 May 2025, 4:41 PM IST
Published on:
2 May 2025, 4:41 PM IST
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