राजस्थान विश्वविद्यालय में भूख हड़ताल पर पूर्व कार्मिक
रिटायर कार्मिकों को ग्रेच्युटी,पेन्शन और पीएफ के राशि का भुगतान किए जाने की कर रहे हैं डिमांड
जयपुर।
राजस्थान विश्वविद्यालय में सोमवार को पूर्व कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी। इन कार्मिकों की मांग है कि रिटायर हो चुके कर्मचारियों को ग्रेच्युटी, पेन्शनऔर पीएफ राशि का तुरंत भुगतान किया जाए। अपनी इस मांग को लेकर आज सुबह से ही कर्मचारी विश्वविद्यालय में कुलपति सचिवालय के बाहर जुट गए और आंदोलन शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह अपनी हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे। गौरतलब है कि राजस्थान विश्वविद्यालय में पेंशन की आस में विश्वविद्यालयकर्मी जगदीश मीणा ने पिछले दिनों दम तोड़ दिया था। सेवानिवृत्ति से पूर्व राजस्थान विश्वविद्यालय से अपनी मिलने वाली पेंशन व उससे जुड़े अन्य परिलाभो जैसे ग्रेच्युटी, पीएफ और अन्य इसी तरह के लाभों को प्राप्त कर अपने शेष जीवन को जीने की तैयारियां कर रहा था। एक दिन अचानक सेवानिवृत्ति से 10 दिन पूर्व उसे यह बताया गया कि उसे पेंशन के लाभ वह मिलने वाली निर्धारित पेंशन नहीं मिलेगी, जगदीश मीणा के सारे सपने चकनाचूर हो गए चह मानसिक रूप से अवसाद में चला गया उसके शरीर में एक गंभीर रोग हो गया जिसे इलाज के लिए भारी रकम की आवश्यकता होती है। जगदीश मीणा का पुत्र राजस्थान विश्वविद्यालय के गलियारों में घूम घूम कर अपने पिता की पेंशन और उनके अन्य परिलाभों के लिए आंसू बहा कर गिड़गिड़ाता रहा लेकिन विश्वविद्यालय में उसकी सुनने वाला कोई नहीं था न कोई संगठन न कोई व्यक्ति और आखिर जगदीश मीणा ने इस पेंशन की आस में अपना दम तोड़ दिया।
जगदीश मीणा को मिलने वाले पेंशन परिलाभोँ को रोकने का कारण यह बताया गया कि किसी अंकेक्षण दल ने उस जैसे अनेकों सेवानिवृत होने वाले प्रकरणों में यह कहकर आपत्ति लगा दी की इनका वेतन राज्य सरकार से मिलने वाले वेतन से इन्हें इनकी वर्षों पूर्व की गई प्रारंभिक नियुक्ति से अधिक दिया जाता रहा, इस कारण उसके अब तक संचित सभी परिलाभ समायोजित हो जाएंगे।