
Barmer - Jaisalmer : लोकसभा चुनाव में बीजेपी को राजस्थान में 11 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था। अब प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सतीश पुनिया ने हार का कारण बताया है। बता दें कि इस बार कांग्रेस प्रत्याशी उम्मेदाराम बेनीवाल को राजस्थान की हॉट सीट बाड़मेर से जीत हासिल हुई है। चुनाव के दौरान इस सीट पर त्रिकोणीय मुकाबले को लेकर उन्होंने बयान दिया। यहां बीजेपी प्रत्याशी कैलाश चौधरी क्यों हार गए, इसका भी कारण बताया।
राजस्थान बीजेपी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष और हरियाणा बीजेपी के प्रभारी सतीश पूनिया ने लोकसभा चुनाव में बाड़मेर-जैसलमेर सीट हारने पर कहा कि लोकतंत्र में चुनाव कई लोग लडऩा चाहते हैं। वे कई बार दूसरे दल में शामिल हो जाते हैं और कुछ तो निर्दलीय भी चुनाव लड़ते हैं। ऐसे में पार्टी की तरफ से दृढ़तापूर्वक प्रयास किए गए। कई बार टिकट वितरण में भी असमंजस की स्थिति हो जाती है। पार्टी और आलाकमान का यही प्रयास रहता है कि सही उम्मीदवार का चयन किया जाए और जीतने वाले ही चुने जाए, लेकिन कभी-कभी ऐसा नहीं होता कि पूरी तरह से सफलता हमारे हाथ लगे।
राजस्थान लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी 11 सीटें हारी इसकी बड़ी वजह बताते हुए सतीश पूनिया ने कहा कि नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मेहनत तो की थी और उनकी बात भी सुनी गई। दरअसल, चुनाव में हार - जीत का कोई एक कारण नहीं होता, इसमें मल्टीपल फेक्टर होते हैं और उन सब पर विचार - विमर्श किया गया है। भजनलाल सरकार ने कैबिनेट की बैठक बुलाकर बकायद इन मुद्दों पर पार्टी के नेताओं के साथ चर्चा की। कुछ कमियां तो रही, चाहे वह प्रबंधन में हों या प्रचार-प्रसार में। उधर सियासी परिस्थितियों को सुलझाने में भी चूक हो सकती है।
किरोड़ीलाल मीणा के इस्तीफे की बात पर सतीश पूनिया ने कहा कि वह पार्टी के सम्मानीय और अनुभवी राजनेता हैं। उन्होंने लंबे समय से विचारधारा के साथ जुड़कर काम किया है। उनके इस निर्णय के बारे में वही अच्छे से बता पाएंगे। यह मुद्दा केंद्र, प्रदेश और आलाकमान के स्तर पर ध्यान में रखा गया है। जितना इस मसले को विस्तृत रूप से प्रचारित किया जा रहा है, उतना बड़ा यह मसला है ही नहीं। केंद्र और प्रदेश दोनों ही सभी मुद्दों के समाधान निकालने के लिए सक्षम हैं।
राजस्थान में मुख्यमंत्री बदलने की बात पर सतीश पूनिया ने कहा कि पार्टी में कई योग्य और सक्षम लोग है। राजस्थान में पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा, ये फैसला तो आलाकमान को ही तय करना है। राजस्थान की भजनलाल सरकार अपना काम अच्छी तरह से कर रही है और उनके हिसाब से उन्हें काम करने का मौका देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि उन पर अब हरियाणा की जिम्मेदारी है और उसी पर उनका फोकस रहेगा ताकि वे वहां पार्टी को अपेक्षित परिणाम दिला सकें।
Updated on:
09 Jul 2024 05:46 pm
Published on:
09 Jul 2024 04:20 pm
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