
जयपुर। जयपुर के कालवाड़ स्थित एक निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत के बाद जो तांडव मचा उसे देखकर एक बार तो पुलिसवालों भी हैरान रह गए।
मरीजों के परिजनों की बढ़ती भीड़ के कारण ही कालवाड़ थाने के अलावा, करधनी और झोटवाड़ा थाने के स्टाफ के साथ ही पुलिस लाइन से जाब्ता मंगवाया गया। पुलिस रात साढ़े तीन बजे तक वहां तैनात रही। उसके बाद जब अस्पताल लगभग खाली हो गया तो पुलिस निकल गई।
गौरतलब कि रात को चार मरीजों की मौत के बाद पुलिस को बुलाया गया था। कालवाड़ थाना पुलिस ने बताया कि सवेरे तक किसी भी मृतक के परिजन ने मामला दर्ज नहीं कराया है। हालांकि पुलिस उनके संपर्क में है। अस्पताल में कुल 47 मरीज भर्ती थे। इनमें दस कोविड पेशेंट के अलावा अन्य बीमारियों के मरीज शामिल थे। देर रात हुए हंगामे के बाद अधिकतर मरीजों के परिजन अपने मरीजों को अन्य अस्पतालों में ले गए थे।
जानकारी के अनुसार अस्पताल में दस कोविड पेशेंट थे, जिनको ऑक्सीजन की जरूरत थी। कुछ को ऑक्सीजन दे भी दी गई थी। लेकिन जब ऑक्सीजन की कमी के कारण मरीजों की मौत होने लगी तो भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि चार मरीजों की मौत के बाद बाकि चार अन्य मरीजों को उनके परिजन अपने साथ अन्य अस्पतालों में ले गए। वहीं जिन मरीजों की मौत हुई उनके परिजनों का कहना है कि मृतकों की संख्या चार से भी ज्यादा हो सकती है।
अपनों को मरता देखते रहे असहाय परिजन-
अस्पताल में देर रात हुए हंगामे के बाद पहुंचे स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि देर रात अस्पताल में तोड़फोड़ की सूचना मिली तो कारण पता नहीं चल सका। आसपास रहने वाले कई लोग अस्पताल आ पहुंचे। बाद में पता चला कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हो रही है। अस्पताल में ये हालात थे कि मरीज बिना पानी की मछली की तरह तड़प रहे थे और उनको संभालने वाले उनके परिजन उन्हें देखकर परेशान हो रहे थे। कई परिजन तो बेहोश ही हो गए थे, जिन्हें लोगों ने संभाला।
Updated on:
28 Apr 2021 11:26 am
Published on:
28 Apr 2021 10:51 am
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