
जयपुर। राजस्थान सरकार ने मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए छात्र-छात्राओं की संख्या 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार करने का फैसला किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने विधानसभा में बताया कि इस योजना के तहत अब तक लक्ष्य से 225% अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। सरकार ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों को योजना में शामिल किया है। साथ ही, बाहर रहकर कोचिंग करने वाले छात्रों को 40,000 रुपए सालाना आर्थिक सहायता देने का प्रावधान भी किया गया है। यह योजना देशभर में लोकप्रिय हो रही है।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के तहत वर्तमान में 30 हजार छात्र-छात्राओं को कोचिंग सुविधा उपलब्ध कराने का है। इस संख्या को आगामी वर्षों में 50 हजार तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यंमत्री भजनलाल शर्मा की सोच है कि कोई भी जरूरतमंद छात्र-छात्राएं कोचिंग के अभाव में बेहतर शिक्षा से वंचित नहीं रहे।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्य द्वारा इस सम्बन्ध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना के अंतर्गत हमारा लक्ष्य 30 हजार छात्र-छात्राओं को निशुल्क कोचिंग उपलब्ध करवाना है। इसके विपरीत अब तक हमें 23 फरवरी 2025 तक कुल 67 हजार 427 यानी 225 प्रतिशत अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि 2005-06 में वसुंधरा सरकार ने इसे लॉन्च किया था, फिर पूर्व सरकार ने इसे 2021 में लॉन्च किया। हमारी सरकार ने इसमें गुणवत्तायुक्त सुधार के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
गहलोत ने कहा कि इस योजना के तहत पूर्व में छोटे और नॉन प्रतिष्ठित संस्थान आते थे, हमारी सरकार ने इसमें प्रतिष्ठित संस्थानों को शामिल किया। वर्तमान में 37 प्रतिष्ठित संस्थान इस योजना के अंर्तगत आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का 30 हजार का लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा करने का है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने केवल 21 हजार यानी 65 प्रतिशत छात्र-छात्राओं को ही लाभान्वित किया था। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023-24 में कुल 127.10 करोड़ रुपए में से 101.74 करोड़ रुपए व्यय कर छात्र-छात्राओं को लाभान्वित किया गया है। उन्होंने बताया कि 2025-26 के लिए 209 करोड़ का बजट निर्धारित है, उसे भी निर्धारित समयावधि में व्यय किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि संस्थानों के गुणात्मक सुधारों के लिए उनका परिणाम, प्रतिष्ठा और टर्न ओवर शामिल किया है और नए दिशा-निर्देशों के जारी होने के कारण कुछ प्रकरणों में देरी हुई है।
वर्ष 2024-25 के सत्र की कोचिंग अप्रेल माह से प्रारंभ हो जाएगी। अनुप्रति कोचिंग योजना इतनी लोकप्रिय हो रही है कि गुजरात और पंजाब सहित कई अन्य राज्यों के अधिकारी विभागीय अधिकरियों से मिलकर गए हैं और अपने राज्यों में भी लागू करना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री अनुप्रति कोचिंग योजना में यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा, आरपीएससी द्वारा आयोजित आरएएस या अधीनस्थ सेवा संयुक्त प्रतियोगी, मेडिकल/इंजिनियरिंग प्रवेश, क्लैट, सीए, सीएस एवं सीएमए परीक्षाओं की कोचिंग करने वाले अभ्यर्थियों में से प्रतिष्ठित कोचिंग संस्थानों में कोचिंग प्राप्त करने वाले वे अभ्यर्थी जो कोचिंग के लिए अपना आवास छोडकऱ अन्य शहर में आकर रहे उनको आवास/भोजन इत्यादि के लिए प्रतिवर्ष 40 हजार रुपए का भुगतान किए जाने का प्रावधान है।
Updated on:
10 Mar 2025 04:43 pm
Published on:
10 Mar 2025 04:42 pm
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