
सरिस्का टाइगर रिजर्व में इस साल बाघों की संख्या में आई कमी की भरपाई रणथंभौर टाइगर रिजर्व से होने की उम्मीद बंधी है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने रणथंभौर से दो बाघिन एवं एक बाघ के सरिस्का में पुनर्वास की अनुमति दी है। सरिस्का टाइगर रिजर्व में इस साल दो उम्रदराज बाघों की प्राकृतिक मौत और एक युवा टाइगर एसटी-13 के लापता होने से खालीपन आया। पिछले कुछ महीनों में सरिस्का में नए शावकों का आगमन भी नहीं हो पाया है। इस कारण इस खालीपन को भरने के लिए रणथंभौर से नए युवा बाघ लाने जरूरी हो गए थे।
एनटीसीए की अनुमति जरूरी
बाघों के पुनर्वास के लिए पहले एनटीसीए की अनुमति जरूरी होती है। इसके बाद राज्य के मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक की अनुमति की आवश्यकता होती है। रणथंभौर से दो बाघिन व एक नया बाघ लाने के लिए एनटीसीए ने अनुमति दी है। इससे सरिस्का में नए बाघ आने की राह खुली है। एनटीसीए की अनुमति मिलने के बाद अब राज्य सरकार स्तर पर भी बाघ पुनर्वास की अनुमति की कवायद शुरू की गई है।
दो युवा बाघिन एवं एक बाघ का पुनर्वास
रणथंभौर टाइगर रिजर्व से सरिस्का में दो युवा बाघिन एवं एक बाघ का पुनर्वास कराया जाना है। एनटीसीए ने सरिस्का में इन नए बाघों को लाने की अनुमति दी है। सरिस्का में अभी बाघों का कुनबा 24 है। रणथंभौर से नए बाघ आने पर इनकी संख्या में वृद्धि होगी।
सरिस्का का 1 बाघ जमवारामगढ़ में
सरिस्का का बाघ एसटी-24 अभी जमवारामगढ़ के जंगल में है। इस तरह सरिस्का के जंगल में अभी 23 बाघ-बाघिन व शावक हैं। सरिस्का में 10 बाघिन, 7 बाघ एवं 7 शावक हैं।
रणथंभौर में क्षमता से ज्यादा
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में बाघों की संख्या 78 से ज्यादा है। रणथंभौर टाइगर रिजर्व का क्षेत्रफल 1334 वर्ग किमी है। सरिस्का में अभी 24 बाघ हैं और यहां का क्षेत्रफल 1213 वर्ग किमी है। बाघों की संख्या के मामले में रणथंभौर टाइगर रिजर्व सरिस्का से कई गुना आगे है।
कवायद जारी
एनटीसीए ने रणथंभौर से नए बाघ लाने की अनुमति मिली है। अब राज्य स्तर पर कवायद जारी है। - डीपी जागावत, डीएफओ, सरिस्का टाइगर रिजर्व
Published on:
13 Oct 2022 12:18 pm
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