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फुरकान खान की उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक पद पर नियुक्ति

जवाहर कला केंद्र के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक फुरकान खान की उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रए पटियाला के निदेशक पद पर नियुक्ति की गई है । पंजाब के राज्यपाल और केंद्र के अध्यक्ष बी एल पुरोहित ने सोमवार को पंजाब राजभवन में फुरकान खान को अपनी शुभकामनाओं के साथ नियुक्ति पत्र सौंपा और आशा व्यक्त की कि खान पूर्व की भांति यहां भी उत्कृष्ट सेवाएं देंगे और सांस्कृतिक केंद्र का नाम आगे बढ़ाएंगे ।

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जयपुर

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Rakhi Hajela

Jun 13, 2022

फुरकान खान की उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक पद पर नियुक्ति

फुरकान खान की उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक पद पर नियुक्ति

फुरकान खान की उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र पटियाला के निदेशक पद पर नियुक्ति
जयपुर।
जवाहर कला केंद्र के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक फुरकान खान की उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रए पटियाला के निदेशक पद पर नियुक्ति की गई है । पंजाब के राज्यपाल और केंद्र के अध्यक्ष बी एल पुरोहित ने सोमवार को पंजाब राजभवन में फुरकान खान को अपनी शुभकामनाओं के साथ नियुक्ति पत्र सौंपा और आशा व्यक्त की कि खान पूर्व की भांति यहां भी उत्कृष्ट सेवाएं देंगे और सांस्कृतिक केंद्र का नाम आगे बढ़ाएंगे ।
गौरतलब है कि उत्तर क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्र के संस्कृति मंत्रालय के अधीन कुल सात क्षेत्रीय सांस्कृतिक केंद्रों में से एक है जिसका मुख्यालय पटियाला में है तथा भारत के उत्तरी राज्य पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर, लद्दाख और चंडीगढ़ भी इसके सदस्य हैं । खान कला एवं संस्कृति में अपने नवाचारों के लिए जाने जाते ह, इसीलिए प्रशासनिक सेवा से सेवानिवृत्ति के उपरांत खान को तुरंत ही अतिरिक्त महानिदेशक तकनीकी के पद पर नियुक्ति दे दी गई थी । जवाहर कला केंद्र में भी अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर रहते हुए खान ने अनेक नवाचार किए थे ।

उल्लेखनीय है कि जिस समय उन्होंने जवाहर कला केंद्र का कार्यभार सम्हाला था केंद्र के पास कार्यक्रम आयोजन के लिए फंड नहीं था,साथ ही कार्यक्रमों के संबंध में 2 करोड़ रुपयों की अतिरिक्त देनदारी थी। खान ने अपने अनुभव और कला संस्कृति की अपनी समझ,सांस्कृतिक संस्थाओं से मधुर संबंध और कुशल प्रशासनिक सूझबूझ से जवाहर कला केंद्र में अनेक कार्यक्रम शुरू किए और कलाकार और कलाप्रेमियों को कभी वित्तीय कठिनाई का अहसास नहीं होने दिया। उन्होंने पाक्षिक थियेटर योजन लागू करवाई और लोकरंग कार्यक्रम को नए कलेवर में पुन: शुरू किया। उनके द्वारा जवाहर कला केंद्र के अनेक कार्यक्रमों की संकल्पना के साथ साथ उनकी क्यूरेटिंग भी की गई । जयपुर शहर को विश्व सांस्कृतिक धरोहर घोषित करने के लिए अल्बर्ट हॉल में आयोजित सांस्कृतिक कार्यकम की खान द्वारा ही क्यूरेटिग की गई थी जिसकी भूरी-भूरी प्रशंसा दर्शकों के साथ साथ कार्यक्रम की मुख्य अतिथि यूनेस्को की महानिदेशक द्वारा भी की गई थी । मूलरूप से खान पूर्व प्रशासनिक अधिकारी रहे हैं और ख्यातनाम फोटोग्राफर हैं । फोटोग्राफी की विशेषज्ञ पत्रिकाओं में इनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं ।

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