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जी-20 शिखर सम्मेलन में राजस्थान की बंधेज, पिछवाई चित्र प्रदर्शनी और लाख की चूडिय़ा की जाएंगी प्रदर्शित

नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) के अवसर पर 8-10 सितंबर, 2023 को प्रगति मैदान के भारत मंडप में 'शिल्प बाजार' (प्रदर्शनी-सह-बिक्री) का आयोजन किया जा रहा है। यह शिल्प बाजार भारत के विभिन्न हिस्सों के हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित करेगा, जिनमें एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), जीआई टैग वाली वस्तुओं तथा महिलाओं और जनजातीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।

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(G-20 Summit

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नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन (G-20 Summit) के अवसर पर 8-10 सितंबर, 2023 को प्रगति मैदान के भारत मंडप में 'शिल्प बाजार' (प्रदर्शनी-सह-बिक्री) का आयोजन किया जा रहा है। यह शिल्प बाजार भारत के विभिन्न हिस्सों के हस्तशिल्प उत्पाद प्रदर्शित करेगा, जिनमें एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी), जीआई टैग वाली वस्तुओं तथा महिलाओं और जनजातीय कारीगरों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रतिनिधियों, अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया को इस शिल्प बाजार को देखने का अवसर मिलेगा।

साथ ही इन उत्पादों को क्रय करने का अवसर भी मिलेगा। जी- 20 शिखर सम्मेलन में लगाए गए शिल्प बाजार मेड इन इंडिया उत्पादों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने का अवसर प्रदान करेगा साथ ही स्थानीय कारीगरों के लिए नए आर्थिक और बाजार के अवसर भी प्राप्त होंगे। राजस्थान से प्रसिद्ध बंधेज, लाख की चूडिय़ां, और पिछवाई चित्रकला जैसी हस्तशिल्प जी-20 भारत मंडपम के 'शिल्प बाजार' में प्रदर्शित की जा रही है।

उल्लेखनीय है की राजस्थान का बंधेज विभिन्न प्रकार के वस्त्रों पर की जाने वाली अलग अलग रंगो की टाई-डाई कला है। इसके अलावा नाथद्वारा के कलाकारों द्वारा बनाई जाने वाली प्रसिद्ध पिछवाई पेंटिंग भी प्रदर्शित की जा रही है। पिछवाई भारतीय लघु चित्रों की पारंपरिक तकनीक में बनाई गई बड़ी कपड़े की पेंटिंग कला है। इस पेंटिंग को भगवान श्रीनाथ जी की मूर्तियों के पीछे लटकने के रूप में उपयोग में ली जाती है। अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया और जी-20 प्रतिनिधियों के समक्ष भारत की पुरातन शिल्प विरासत को प्रदर्शित करने के लिए देश भर के 30 से अधिक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भाग ले रहे हैं।

30 राज्यों के अलावा, 6 केंद्रीय एजेंसियां यथा ट्राइब्स इंडिया (ट्राइफेड), सेंट्रल कॉटेज इंडस्ट्रीज एम्पोरियम, खादी ग्रामोद्योग, सरस आजीविका, राष्ट्रीय बांस मिशन और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम (एनएसएफडीसी) अपने शिल्‍प के माध्यम से भारत की विविध और समृद्ध विरासत का प्रदर्शन कर रही हैं। इनके अतिरिक्‍त, कला और शिल्प के लाइव प्रदर्शन के लिए देश भर से कारीगरों (राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं सहित) की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

उल्लेखनीय है की कश्मीर (उत्तर) से पेपर माचे, बिहार (पूर्व) से मधुबनी पेंटिंग, तमिलनाडु (दक्षिण) से तंजावुर पेंटिंग, गुजरात (पश्चिम) से लिपोन पेंटिंग/मड मिरर वर्क का काम व देश भर के अन्य हस्तशिल्प भी प्रदर्शित किए जाएंगे। प्रदर्शनी का आयोजन जी-20 सचिवालय द्वारा वस्त्र मंत्रालय और राज्य/केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों के समन्वय से किया जा रहा है। लगभग 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ खादी ग्रामोद्योग और उद्योग आयोग, ट्राइफेड, सरस आजीविका जैसी केंद्रीय एजेंसियां शिल्प बाजार में भाग लेंगी।

भारतीय कारीगरों के कौशल और उत्कृष्ट कारीगरी को अंतरराष्‍ट्रीय प्रतिनिधियों के सामने प्रदर्शित करने के लिए शिल्प बाजार के अंतर्गत मास्टर कारीगरों द्वारा विशेष लाइव प्रदर्शन की भी योजना बनाई गई है। पूर्वोत्‍तर की असाधारण हस्तशिल्प और हथकरघा वस्तुओं को प्रदर्शित करने के लिए, पूर्वोत्‍तर हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम (एनईएचएचडीसी) के समन्वय से एक 'फोकस नॉर्थ ईस्ट' स्टॉल भी लगाया जा रहा है।


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