21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सीएम के सुरक्षाधिकारी को गैलेंट्री प्रमोशन, निरीक्षक से बनाएंगे उप अधीक्षक

पुलिस सेवा नियमों में संशोधन कर डीपीसी के लिए आरपीएससी को भेजा प्रस्ताव

2 min read
Google source verification


जयपुर. पुलिस सेवा नियमों में दो संशोधन कर सरकार ने मुख्यमंत्री के निजी सुरक्षा अधिकारी (पीएसओ) को गैलेंट्री प्रमोशन देने का निर्णय किया है। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद पुलिस ने सुरक्षा अधिकारी रामनिवास को निरीक्षक से उप अधीक्षक बनाने के लिए डीपीसी का प्रस्ताव आरपीएससी को भेजा है। प्रस्ताव में रामनिवास के साथ एक और निरीक्षक राजेश सोनी का भी नाम है, जो वर्ष 2014 में कुख्यात बदमाश को पकडऩे के दौरान गोली लगने से घायल हुए थे।

निरीक्षक रामनिवास की सीआईडी (आईबी) में पोङ्क्षस्टग है। उनकी ड्यूटी मुख्यमंत्री की सुरक्षा में लंबे समय से लगी है। प्रस्ताव में सरकार के संकट में समय रामनिवास के किए कार्यों को विशेष बताया गया है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के गत कार्यकाल में चूरू में उनके हेलीकॉप्टर की तकनीकी खराबी के कारण आपात लैंङ्क्षडग कराई गई थी। उस मामले में रामनिवास के कार्य को साहसिक मानते हुए उपनिरीक्षक से गैलेंट्री प्रमोशन देकर निरीक्षक बनाया गया था। पुलिस मुख्यालय ने कुछ माह पहले निरीक्षक नीरज मेवानी को भी गैलेंट्री प्रमोशन का प्रस्ताव सरकार को भेजा था। हालांकि नीरज मेवानी का प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया।

प्रस्ताव के बाद नियमों में बदलाव
पुलिस मुख्यालय ने प्रस्ताव कई माह पहले भेजा था, हालांकि पहले सीआईडी (आईबी) के पुलिसकर्मियों को गैलेंट्री प्रमोशन का मामला नियमों में उलझ गया। नियमों में गैलेंट्री (साहसिक) और पदों की निर्धारित संख्या की बाध्यता का हवाला देते हुए सरकार ने इन्हें स्वीकार नहीं किया। इसके बाद राजस्थान पुलिस सेवा नियमों में बदलाव किया गया। गत सप्ताह बदलाव कर गैलेंट्री प्रमोशन में पुलिस के किसी भी क्षेत्र में किए गए विशेष कार्य को शामिल किया है। इसके साथ ही प्रावधान किया कि पदों की संख्या सरकार बढ़ा सकती है। इस तरह प्रमोशन का रास्ता खुला।

सोनी का मामला वर्ष 2014 से लंबित
पुलिस निरीक्षक राजेश सोनी का मामला वर्ष 2014 से लंबित है। कोटा के कुन्हाड़ी थाने में पोङ्क्षस्टग के दौरान उन्होंने कुख्यात आरोपी शेरू व अनवर को पकडऩे के लिए दबिश दी थी। शेरू ने उनके पांव में गोली मार दी थी। हालाांकि इसके बाद भी उन्होंने शेरू को नहीं छोड़ा। शेरू अभी अजमेर की हाईसिक्योरिटी जेल में कैद है।

कई मामले हैं लंबित
प्रस्ताव के अलावा कुछ और मामलों में पोदन्नति के प्रस्ताव लम्बित हैं। इनमें जयपुर ग्रामीण से सुरेन्द्र ङ्क्षसह व जयपुर शहर से चंद्र प्रकाश निरीक्षक सहित अन्य मामले हैं।