
जयपुर। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के संदेशों को युवा पीढ़ी और सैलानियों को रूबरू कराने के लिए 87 करोड़ रुपए खर्च कर सेंट्रल पार्क परिसर में गांधी वाटिका विकसित की गई। उद्घाटन के पांच माह बीत जाने के बाद भी गांधी वाटिका पर ताला लटका है। गांधी के संदेशों से युवा पीढ़ी दूर है। यह सब इसलिए हो रहा है क्योंकि अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि गांधी वाटिका का रख रखाव और संचालन कौन करेगा?
दरअसल, पूर्ववर्ती सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक गांधी वाटिका भी थी। मुख्यमंत्री रहते हुए अशोक गहलोत ने भी निर्माणाधीन प्रोजेक्ट का कई बार दौरा किया था। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले इसका उद्घाटन भी हो गया। चुनाव के बाद नई सरकार बनी तो अधिकारियों ने इस पर ध्यान देना बंद कर दिया। पत्राचार और बैठकें तो हो रही हैं, लेकिन संचालन शुरू नहीं हो पा रहा है।
वाटिका का मुखिया तय नहीं
-जेडीए अधिकारियों की मानें तो संचालन को लेकर नगरीय विकास विभाग को पत्र लिख चुके हैं। सरकार स्तर पर ही संचालन का फैसला होना है। कांग्रेस सरकार के समय गांधी वाटिका को शांति और अहिंसा निदेशालय को हैंडओवर करने की बात हुई थी। नई सरकार के गठन के बाद पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने भी वाटिका का दौरा किया था।
-वाटिका में सेमिनार हॉल, कॉन्फ्रेंस कक्ष से लेकर ओपन थियेटर भी है। इनका संचालन कैसे और कौन करेगा? यह अब तक तय नहीं हो पाया है। अभी तक टिकट दर भी तय नहीं हो सकी है।
दावे हैं दावों का क्या
जब वाटिका का निर्माण किया जा रहा था, उस समय ये कहा गया था कि इस तरह की वाटिका देश में कहीं और नहीं है। लेकिन, अधिकारियों के ढुलमुल रवैए के चलते वाटिका अब दुर्दशा का शिकार हो रही है।
वाटिका में ये है खास
-गांधी वाटिका के भूतल पर अंग्रेजों के भारत आगमन से लेकर महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका प्रवास तक के कालखंड को 5 हिस्सों में दर्शाया गया है।
-वहीं, प्रथम तल पर गांधीजी के भारत में अंग्रेजों के खिलाफ आंदोलनों एवं उनके दर्शन को प्रदर्शित किया गया है।
-दूसरे तल पर विशेष पुस्तकालय, सेमिनार हॉल एवं कॉन्फ्रेंस कक्ष निर्मित किए गए हैं। कॉन्फ्रेंस कक्ष को ‘राजस्थान ने पकड़ी गांधी की राह’, ‘गांधी: अपने आईने में’ एवं ‘गांधीजी के सपनों का संसार’ तीन खंडों में बांटा गया है।
-भवन निर्माण में सादगी एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष रूप से मिट्टी की दीवारें तैयार की गई हैं। वाटिका में केलू की छत लगाई गई है।
-वाटिका में कैफेटेरिया, खुला नाट्य मंच, विमर्श कक्ष जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
Published on:
06 May 2024 11:39 am
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