20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गणेशजी के 251 किलो से लेकर सवा किलो तक के मोदकों का भोग

शहर में गणेश जन्मोत्सव (ganesh birthday) का उल्लास बुधवार को शुरू हुआ। मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर (Moti Dungri Ganeshji Temple) में मोदकों की झांकी के साथ जन्मोत्सव के आयोजन शुरू हुए। झांकी में 251 किलो से लेकर सवा किलो तक के मोदक रहे। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) मनाई जाएगी।

2 min read
Google source verification
गणेशजी के 251 किलो से लेकर सवा किलो तक के मोदकों का भोग

गणेशजी के 251 किलो से लेकर सवा किलो तक के मोदकों का भोग

गणेशजी के 251 किलो से लेकर सवा किलो तक के मोदकों का भोग

— मोती डूंगरी गणेश मंदिर में गणेश जन्मोत्सव शुरू
— सजी मोदकों की झांकी
— गणेशजी महाराज को धारण करवाया रत्न जड़ित मुकुट

जयपुर। शहर में गणेश जन्मोत्सव (ganesh birthday) का उल्लास बुधवार को शुरू हुआ। मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर (Moti Dungri Ganeshji Temple) में मोदकों की झांकी के साथ जन्मोत्सव के आयोजन शुरू हुए। झांकी में 251 किलो से लेकर सवा किलो तक के मोदक रहे। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी पर 10 सितंबर को गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi) मनाई जाएगी।

मोतीडूंगरी गणेश मंदिर महंत पं. कैलाश शर्मा के सान्निध्य में गजानन महाराज को मोदकों का भोग लगाने के साथ गणेश जन्मोत्सव के कार्यक्रम शुरू हुए। सुबह 5 बजे मोदकों की झांकी के साथ दर्शन खुले। झांकी में मुख्य मोदक 251 किलो का एक, 3 मोदक 51 किलो के, 31 मोदक 21 किलो के और 1100 मोदक सवा किलो रहे। मोदकों की झांकी के दर्शन शाम तक हुए, हालांकि इस बीच बाहर का प्रसाद नहीं चढाया गया। दिनभर मंदिर में गजानन महाराज के जयकारे गूंजते रहे। भक्त सुबह से ही मंदिर में दर्शनों के लिए आते रहे। गजानन महाराज को रत्न जड़ित मुकुट धारण करवाया गया।

महंत कैलाश शर्मा ने बताया कि महोत्सव के तहत 4 सितंबर को पुष्य नक्षत्र पर अभिषेक होगा, इस दिन ध्वज पूजन होगा। नवीन ध्वज धारण होंगे। इस दिन गणेश जी महाराज का पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। इसमें 500 किलो दूध, 50 किलो बूरा, 100 किलो दही, 11 किलो शहद, 11 किलो घी का उपयोग किया जाएगा। अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं को रक्षा सूत्र और हल्दी प्रसाद स्वरूप वितरित की जाएगी। उन्होंने बताया कि 9 सितंबर को मेहंदी पूजन और सिंजारा महोत्सव मनाया जाएगा। गणेशजी महाराज का विशेष नौलड़ी का नोलखा हार के भाव जैसा शृंगार होगा, सिंजारे की मेहंदी धारण करवाई जाएगी। गणेशजी को स्वर्ण मुकुट धारण करवाया जाएगा और चांदी के सिंहासन पर विराजमान होंगे। 9 सितंबर से 11 सितंबर तक भक्तों का प्रवेश नहीं होगा। श्रद्धालु आॅनलाइन ही दर्शन कर सकेंगे। भक्तों को मेहंदी प्रसाद 12 व 13 सितंबर को बांटी जाएगी। 10 सितंबर को गणेशजी महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दिन मंगला आरती सुबह 5 बजे होगी।