जयपुर। शहर में गणेश जन्मोत्सव का उत्साह बढ़ता जा रहा है। घर—घर भी गणेश जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई है। वहीं शहर के गणेश मंदिरों में आयोजन शुरू हो चुके है। मोती डूंगरी गणेशजी मंदिर में सांस्कृतिक एवं भजन संध्या के तहत आज शाम 7 बजे कत्थक की प्रस्तुति दी जाएगी।
मोती डूंगरी गणेशजी जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में एक दिन पहले भगवान गणेश जी महाराज के सामने उनके सबसे प्रिय ध्रुपद गायन की प्रस्तुति दी गई। शुरुआत ध्रुवपद गायिका प्रोफ़ेसर मधु भट्ट तैलंग ने राग जोगश्री में वैदिक गणेश स्त्रोत की प्रस्तुति से की। इसके बाद उन्होंने अपने शिष्यों के साथ गोपी बसंत, नंद, मियां की तोड़ी व मधुवंती जैसी शास्त्रीय विविध रागों में बजत बधाई गौरी द्वारे…, गौरी नंदन शिव के नंदन…, आवत है गणपति…, गणपति मधुरम् एवं गणपति राज आना पड़ेगा… की प्रस्तुति से भगवान गणेश जी को रिझाया। इस बीच उन्होंने लयकारियां भी पेश की। इस दौरान ध्रुवपद के अलापों हरि ओम अनंत नारायण… के अलावा नोमतोम के चारों चरणों की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर मधु के शिष्य ध्रुवपद गायक डॉ.श्याम सुंदर शर्मा ने राग मालकौंस में विस्तृत ओंकार व नोमतोम की अलापचारी प्रस्तुति की। कार्यक्रम का संचालन पराग भट्ट ने किया।
नहर के गणेशजी के कल से दो दिन पट बंद
ब्रह्मपुरी माउंट रोड स्थित अति प्राचीन दाहिनी सूंड वाले नहर के गणेशजी महाराज के त्रिदिवसीय श्रीगणेश जन्मोत्सव मनाया जाएगा, इसके लिए 16 सितंबर को सुबह ध्वज पूजन व ध्वज स्थापन की जाएगी, इसके साथ ही गजानन महाराज का पारंपरिक शृंगार शुरू होगा, इसके चलते मंदिर में 17 व 17 सितंबर को पट मंगल रहेंगे। इस दौरान भक्त गणेशजी महाराज के चित्र दर्शन कर सकेंगे।
मोदकों की झांकी के होंगे दर्शन
नहर के गणेशजी मंदिर महंत जय शर्मा ने बताया कि वर्ष में एक बार सम्पूर्ण रूप से होने वाला चोला व पारंपरिक शृंगार विशिष्ट पन्नियों से होता है। परंपरानुसार दो दिन पट मंगल रहेंगे, केवल बाहर के जगमोहन में गणपति के चित्र का पूजन व दर्शन होगा। त्रिदिवसीय श्री गणेश जन्मोत्सव 18, 19, 20 सितम्बर को मनाया जाएगा। पहले दिन असंख्य मोदकों की झांकी के दर्शन होंगे। गणेशजी महाराज को विशेष लहरिया पोषाक व साफा धारण करवाया जाएगा। इस दिन सिंजारा उत्सव मनाया जाएगा और मेहंदी पूजन होगा।