16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सोशल मीडिया पर नाबालिग से दोस्ती कर किया गैंग रेप, दो गिरफ्तार

जयपुर के सदर थाना पुलिस ने नाबालिग किशेारी से सोशल मीडिया पर दोस्ती करने के बाद गैंग रेप करने के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी वंदिता राणा ने बताया कि श्रीगंगानगर के घड़साना स्थित भगतसिंह नगर निवासी सुनील सिंह (20) व एमएलडीए कॉलोनी निवासी गौरव अग्रवाल (18) को गिरफ्तार किया।

2 min read
Google source verification
49d444ff-39a8-4826-82b9-4e0fafa48bdd_2.jpg

जयपुर के सदर थाना पुलिस ने नाबालिग किशेारी से सोशल मीडिया पर दोस्ती करने के बाद गैंग रेप करने के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। डीसीपी वंदिता राणा ने बताया कि श्रीगंगानगर के घड़साना स्थित भगतसिंह नगर निवासी सुनील सिंह (20) व एमएलडीए कॉलोनी निवासी गौरव अग्रवाल (18) को गिरफ्तार किया।

एसीपी संजय आर्य ने बताया कि इस संबंध में पीडि़ता की मां ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। श्रीगंगानगर निवासी जसविन्द्र सिंह उर्फ जस्सी उसके भाई सुनील सिंह व गौरव अग्रवाल ने उसकी 16 वर्षीय बेटी को एक होटल में ले बुलाकर बलात्कार किया। बेटी का अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करके कई बलात्कार किया।

नाबालिग से बलात्कार के दोषी को बीस साल कारावास की सजा
जयपुर जिले की पॉक्सो मामलों की विशेष अदालत ने नाबालिग के साथ बलात्कार के दोषी को बीस साल कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषी सरदारमल पर दो लाख रुपए का जुर्माना लगाते हुए कहा कि ऐसे घृणित अपराध के लिए परिवीक्षा का लाभ नहीं दे सकते हैं। कोर्ट ने देरी से रिपोर्ट दर्ज करवाने के संबंध में कहा कि ऐसे मामले में माता-पिता सोच समझकर लोक-लाज और पीडि़ता के भविष्य को ध्यान में रखकर रिपोर्ट दर्ज करवाते हैं।
ऐसे में रिपोर्ट देरी से दर्ज होने का फायदा दोषी पक्ष नहीं ले सकता है। विशेष लोक अभियोजक विजया पारीक ने अदालत को बताया कि मामले में पीडि़ता की मां ने 25 सितंबर 2020 को गोविन्दगढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा कि उसका पति मानसिक बीमार है, जिसके चलते वह अपनी बेटी के साथ पीहर में रहती है। दोषी उसकी बेटी को तीन साल से परेशान कर रहा है। दोषी सरदारमल17 अप्रेल 2020 की रात उसके घर आया और पीडिता को धमका कर परिचित के घर ले गया। जहां बलात्कार के बाद हत्या की धमकी देकर घर भेज दिया।
पुलिस ने दोषी को गिरफ्तार कर अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान पीडि़ता ने दोषी के साथ ही दो अन्य लोगों पर भी बलात्कार करने का आरोप लगाया था। कोर्ट ने अन्य दो को आरोपी बनाने के संबंध में दायर प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। कोर्ट ने पीडि़ता के बयान व अन्य साक्ष्यों के आधार पर सरदार मल को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।


बड़ी खबरें

View All

जयपुर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग