31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गैंगस्टर लॉरेंस जयपुर में जमाना चाहता था अपनी जड़ें, Extortion Money के लिए कराने वाला था फायरिंग

लॉरेंस गैंग के गुर्गे का खुलासा : डराने के लिए बिल्डर के घर फायरिंग करवाने वाले थे, शांडिल्य ने दौसा जेल से छूटे आनंदपाल गैंग के सुभाष मूंड को दी थी बिल्डर की सूचना, सुभाष ने पहुंचाई थी लॉरेंस तक, शांडिल्य 29 सितम्बर तक पुलिस रिमांड पर

2 min read
Google source verification
a1.jpg

जयपुर। राजापार्क निवासी बिल्डर ने दो दिन तक कुछ नहीं किया तो गैंग ने उसके फायरिंग करवाने की तैयारी कर ली थी। लेकिन बिल्डर ने पुलिस को सूचना दे दी, तब गैंग इधर-उधर हो गई। तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस तक सूचना पहुंचाने के मामले में गिरफ्तार आनंद शांडिल्य ने पुलिस पूछताछ में इसका खुलासा किया।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अजयपाल लांबा ने बताया कि आरोपी शांडिल्य को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 29 सितम्बर तक रिमांड पर सौंपा है। पूछताछ में शांडिल्य ने बताया कि ढाई माह पहले दौसा जेल से छूटे आनंदपाल गैंग के सदस्य सीकर निवासी सुभाष मूंड उर्फ सुभाष बराल को बिल्डर के संबंध में सूचना दी थी। आरोपी सुभाष ने तिहाड़ जेल में बंद लॉरेंस तक सूचना पहुंचाई। जवाहर नगर थानाधिकारी अरूण पूनिया आरोपियों से पूछताछ करने में जुटे हैं।

जेल में रहने के दौरान सुभाष ने उधार लिए थे 5 लाख रुपए

पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी शांडिल्य, सुभाष और लॉरेंस अजमेर हाईसिक्योरिटी जेल में एक ही सैल में बंद थे। तब उनकी आपस में मुलाकात हुई थी। शांडिल्य भी आनंदपाल गैंग का सदस्य था। वर्ष 2018 में आरोपी शांडिल्य जमानत पर जेल से बाहर आया गया और सुभाष को दौसा जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। दौसा जेल में से आरोपी सुभाष ने शांडिल्य से संपर्क किया और 5 लाख रुपए व जमानत के लिए वकील उपलब्ध करवाने की बात कही। शांडिल्य ने सुभाष को पांच लाख रुपए किसी परिचित से दिलवा दिए। ढाई माह पहले ही जेल से छूटने के बाद सुभाष ने एक लग्जरी कार खरीदी। तब शांडिल्य ने सुभाष से उधार दिए 5 लाख रुपए और वकील का खर्चा देने की बात कही।

कोई तलाश, धमकी देकर वसूलेंगे और फिर बांट लेंगे

पुलिस ने बताया कि शांडिल्य ने सुभाष से रुपए मांगे, तब सुभाष ने शांडिल्य को कहा कि कोई ऐसा आदमी तलाशना, जिसे धमकी दिलाकर मोटी रकम वसूलेंगे और वसूली गई रकम को तीन जगह बांट लेंगे। दो हिस्से आपस में और तीसरा हिस्सा धमकी देने वाले लॉरेंस को पहुंचा देंगे।

शांडिल्य ने बताए थे खुद के गुर्गे

शांडिल्य ने धमकी दिलवाने से पहले परिचित बिल्डर को बातचीत के दौरान खुद के जेल में रहने के दौरान बड़े-बड़े बदमाशों को खुद का गुर्गा होना बताया और लॉरेंस व आनंदपाल गैंग के गुर्गों से संपर्क होना बताया था। तब 7 सितम्बर को बिल्डर को जेल में बंद लॉरेंस विश्नोई के गुर्गे सम्पत नेहरा के जरिए धमकी दिलवाई। सम्पत ने लॉरेंस बनकर बिल्डर को दो दिन में एक करोड़ रुपए देने की बात कही। लेकिन बिल्डर ने 8 सितम्बर और 9 सितम्बर को फिर सम्पत नेहरा को फोन नहीं उठाया। शांडिल्य को था कि उसके बनाए जाल में फंसकर बिल्डर उससे मदद मांगने आएगा। लेकिन बिल्डर ने पुलिस को सूचना दे दी। तब सुभाष ने बिल्डर को डराने के लिए उसके घर फायरिंग करवाने की साजिश रची। लेकिन पुलिस को घेरा देखकर उन्होंने फायरिंग करवाना टाल दिया। वहीं पुलिस गैंग तक पहुंच गई। फरार चल रहे सुभाष की तलाश में भी पुलिस टीम जुटी है।

Story Loader