कोटपूतली. बारिश के दिनों में सडक़ों पर बैठे आवारा पशु लोगों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इन पशुओं का सडक़ किनारे जमावड़ा लगा रहता है। इससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। खासकर रात के समय ये पशु हाईवे पर दिखाई ही नहीं देते हैं, जिससे दुर्घटना हो जाती है। पहले तो प्रशासन इनके सींगों पर रिफ्लेक्टर के स्टीकर चिपकाता था, लेकिन अब कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सिर्फ टोल के आसपास एक बोर्ड लगाकर संबंधित एजेंसी खानापूर्ति कर रही है।
नेशनल हाईवे पर आवारा पशुओं का जमावड़ा लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। आए दिन इन पशुओं के कारण कोई न कोई हादसा होता रहता है। कभी पशु घायल होते हैं तो कभी गाड़ी सवार। इन्हें बचाने के चक्कर में कई बार हादसे हो चुके हैं। आवारा पशुओं के झुंड के झुंड बैठे रहने के कारण कई बार जाम भी लग जाता है। आए दिन इन पशुओं को बचाने के चक्कर लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
सूखे की तलाश में बैठते हैं
हाईवे पर जगह-जगह डिवाइडर के किनारे ये आवारा पशु बैठे रहते हैं। बारिश के दिनों में ये पशु सूखे की तलाश में यहां बैठते हैं। इन पशुओं को गुजरते वाहनों से लगने वाली हवा से मक्खी और मच्छरों से राहत मिलती है, लेकिन ये हमारे लिए बड़े घातक सिद्ध होते हैं। पशुओं के कारण कई लोगों की दुर्घटना में जान तक चली गई। इस समस्या का समाधान करने के लिए अब तक कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। नगर परिषद प्रशासन की ओर से दुर्घटना के बाद मृत पशुओं को उठाने के लिए ठेके जरूर दिए जाते हैं लेकिन ऐसी स्थिति पैदा ही न हो इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आवारा पशुओं की इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
नगर परिषद नहीें करता कार्रवाई
इन आवारा पशुओं को सडक़ से हटाने के लिए नगर परिषद कोई कार्रवाई नहीं करता है। जबकि परिषद को इन्हें पकड़ कर गौशालाओं या कांजी हाउस में भेजना चाहिए।