
जयपुर। प्रदेश में 1 अक्टूबर से 31 जनवरी 2022 तक सभी प्रकार की आतिशबाजी को बेचने और चलाने पर रोक लगाने के अपने फैसले पर अब गहलोत सरकार ने यू-टर्न लिया है। राज्य सरकार ने अपने पूर्व के फैसले में संशोधन करते हुए एनसीआर क्षेत्र को छोड़कर शेष राजस्थान में ग्रीन आतिशबाजी बेचने और चलाने की अनुमति दी है।सरकार के इस संशोधित आदेश से प्रदेश के पटाखा व्यवसायियों को बड़ी राहत मिली है।
एनसीआर क्षेत्र में आतिशबाजी पर प्रतिबंध
दऱअसल शुक्रवार को गृह विभाग ने अपने संशोधित आदेश में कहा है कि अब केवल एनसीआर क्षेत्र में आतिशबाजी को बेचने और चलाने पर प्रतिबंध रहेगा। एनसीआर क्षेत्र को छोड़ते हुए संपूर्ण राजस्थान में केवल ग्रीन आतिशबाजी के बेचने में चलाने की अनुमति होगी।
प्रदेश के अलवर और भरतपुर जिला दिल्ली एनसीआर क्षेत्र में आता है। इससे पहले गृह विभाग ने वर्तमान कोविड हालातों, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रीय हरित अधिग्रहण के फैसले को ध्यान में रखते हुए प्राधिकृत अनुज्ञा पत्र अधिकारियों को सलाह दी थी कि वह राज्य में आतिशबाजी के स्थाई लाइसेंस जारी ना करें और संपूर्ण राजस्थान में 1 अक्टूबर से 31 जनवरी 2022 तक आतिशबाजी को बेचने पर रोक लगाई थी।
दिवाली सहित इन त्यौहारों पर ग्रीन आतिशबाजी की अनुमति
अपने संशोधित आदेश में गृह विभाग ने दिवाली पर्व पर रात 8 से 10 तक ग्रीन आतिशबाजी, छठ पर्व पर सुबह 6 से 8 और क्रिसमस और न्यू ईयर पर रात 11:55 से 12:30 बजे तक ग्रीन आतिशबाजी चलाने की अनुमति दी है।
पटाखा व्यवसायियों ने की थी सीएम से गुहार
इससे पहले जयपुर सहित प्रदेश के पटाखा व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से पटाखे बेचने और लाइसेंस जारी करने की अपील की थी, पटाखा व्यवसायियों का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और विधायक रफीक खान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से भी मिला था और पटाखे बेचने की अनुमति देने की मांग की थी, जिस पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संशोधित आदेश जारी कर पटाखा व्यवसायियों को राहत प्रदान की है।
Updated on:
15 Oct 2021 07:57 pm
Published on:
15 Oct 2021 07:55 pm
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